पेपरफ्राई की ‘होम रिपोर्ट कार्ड 2025’ जारी, भारतीय उपभोक्ता अब पूरे साल चरणबद्ध तरीके से कर रहे घर का अपग्रेड

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मुंबई (अनिल बेदाग)। भारत का होम और फर्नीचर मार्केट इस समय एक बड़े रणनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पेपरफ्राई द्वारा जारी ‘होम रिपोर्ट कार्ड 2025’ इस बदलते ट्रेंड की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। 700 से अधिक शहरों में वास्तविक खरीदारी व्यवहार पर आधारित यह रिपोर्ट बताती है कि भारतीय उपभोक्ता अब एक बार में पूरे घर का रिनोवेशन करने के बजाय, सालभर चरणबद्ध और सोच-समझकर अपग्रेड करने का मॉडल अपना रहे हैं।

‘होम गुड्स’ की खरीदारी फर्नीचर से दोगुनी

रिपोर्ट के मुताबिक, फर्नीचर की तुलना में ‘होम गुड्स’ कैटेगरी में लगभग दोगुनी खरीदारी दर्ज की गई है। स्टोरेज सॉल्यूशंस, किचन प्रोडक्ट्स, ऑर्गेनाइज़र और लाइटिंग जैसे सेगमेंट्स अब सबसे अधिक खरीदे जाने वाले उत्पादों में शामिल हो गए हैं।

बेंगलुरु, पुणे और जयपुर जैसे शहरों में होम-रिलेटेड कुल खर्च का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सिर्फ होम गुड्स से आया। यह संकेत देता है कि ब्रांड्स और रिटेलर्स को अब अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इन्वेंट्री रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा।

लिविंग रूम बना आत्म-अभिव्यक्ति का केंद्र

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय घरों में लिविंग रूम अब आत्म-अभिव्यक्ति और लाइफस्टाइल का केंद्र बनकर उभरा है। सभी कैटेगरी में इसकी मजबूत हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि अपग्रेड अब सिर्फ जरूरतों तक सीमित नहीं, बल्कि एस्पिरेशनल प्लानिंग और लाइफस्टाइल चॉइस से भी जुड़ गया है।

सोफा रिप्लेसमेंट साइकल का घटकर औसतन चार साल होना बाजार में रिपीट डिमांड और प्रीमियमाइज़ेशन के नए अवसर खोलता है।

टियर-2 शहरों का बढ़ता योगदान

पेपरफ्र्राई के को-फाउंडर और सीईओ आशीष शाह ने कहा,
“होम रिपोर्ट कार्ड 2025 भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि लाखों भारतीय परिवारों के वास्तविक व्यवहार को दर्शाता है। यह साफ दिखाता है कि घर अब अधिक व्यक्तिगत, व्यावहारिक और सोच-समझकर बनाए जा रहे हैं।”

रिपोर्ट में टियर-2 शहरों की भूमिका भी अहम बताई गई है। इन शहरों से कुल होम डिमांड का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आया है, जो देशभर में होम सेगमेंट के विस्तार की दिशा को दर्शाता है।

वर्क फ्रॉम होम से बढ़ी ऑफिस चेयर की डिमांड

वर्क-फ्रॉम-होम ट्रेंड के कारण ऑफिस चेयर सबसे तेजी से बढ़ने वाली फर्नीचर कैटेगरी के रूप में सामने आई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उपभोक्ता अब घर को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि वर्कस्पेस और लाइफस्टाइल हब के रूप में भी विकसित कर रहे हैं।

त्योहारों का इंतजार नहीं, सालभर निवेश

पेपरफ्राई के हेड ऑफ मार्केटिंग कुलभूषण अटकर के अनुसार, “उपभोक्ता अब त्योहार या नए घर का इंतज़ार नहीं कर रहे। वे पूरे साल छोटे लेकिन भरोसेमंद फैसलों के ज़रिए अपने घरों में निवेश कर रहे हैं।”

बाजार के लिए बिज़नेस रोडमैप

कुल मिलाकर, ‘होम रिपोर्ट कार्ड 2025’ भारतीय होम मार्केट के लिए एक स्पष्ट बिज़नेस रोडमैप प्रस्तुत करता है, जहां निरंतर ग्राहक एंगेजमेंट, नियमित अपग्रेडिंग और लाइफस्टाइल-ड्रिवन इनोवेशन भविष्य की ग्रोथ को दिशा देंगे।

Dr. Bhanu Pratap Singh