Firozabad, Uttar Pradesh, India. थाना ताजगंज, आगरा के गांव करबना निवासी पवन यादव की ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस की रिश्वतखोरी से बचने के लिए पवन ने ट्रैक्टर को भगाया। उसकe पीछा पुलिस वाले कर रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। गुस्से में आए लोगों ने तोरा पुलिस चौकी फूंक दी। फतेहाबाद रोड पर बवाल काटा। पुलिस वालों की पिटाई की। पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही बवाल करने में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस सख्ती दिखा रही है। पुलिस की कर्यवाही से ताजमहल के आसपास के यादव बहुल गांवों में भय है। इसके चलते पूरे उत्तर प्रदेश के यादवों में हाहाकार मचा हुआ है। इस मामले में यादव महासभा ने 15 जनवरी को कृष्णा गार्डन में आगरा मंडल के यादव नेताओं की बैठक आहूत की थी, जो फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
बैठक स्थगित
यादव महासभा फिरोजाबाद के अध्यक्ष डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि यादव महासभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश यादव के नेतृत्व में 15 जनवरी को आगरा में बैठक कर संघर्ष की योजना बनाई जानी थी। यह बैठख किन्हीं कारणों से स्थगित कर दी गई है। बैठक की तारीख जल्दी घोषित की जाएगी।
यादवों के उत्पीड़न का आरोप
डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि यादव महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप यादव पूर्व सांसद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश यादव, लखनऊ निवासी प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद चौधरी के नेतृत्व में हजारों यादव आगरा पहुंचकर पुलिस के विरोध में जन आंदोलन करने की रणनीति बनाने वाले थे। उन्होंने बताया कि जानबूझकर निर्दोष यादवों की हत्या की जा रही है। उन्हें भयभीत करने के लिए आगरा मंडल के यादवों के खिलाफ फर्जी मुकदमे तथा उत्पीड़न की कार्यवाही कर उन्हें घर छोड़ने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
क्या हो चुका है
पवन यादव की मौत के पश्चात क्षेत्र के 200 – 250 लोगों के खिलाफ ताजगंज पुलिस द्वारा हत्या, लूट, डकैती आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करके एक दर्जन से अधिक लोगों को उनके घर से गिरफ्तार किया गया है। गंभीर धाराओं में 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने पर आगरा के सभी राजनीतिक दलों द्वारा मुकदमे के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा भी घटना का गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है।
क्या हो रहा है
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में यादवों पर अत्याचार रोकने, झूठे मुकदमे को वापस किए जाने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर कर चुके हैं। इसके बाद भी समस्या वहीं की वहीं है। यादवों का गांवों से पलायन हो चुका है। रात्रि में पुलिस घरों में दबिश दे रही है। भय का वातावरण है। यादवों के लिए कहीं से कोई आंदोलन की बात नहीं हो रही है।
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