आगरा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आगरा मंडल ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए पिछले पांच महीनों में 67 मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों से मिलवाया है। अप्रैल से अगस्त 2025 तक चलाए गए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 40 लड़के और 27 लड़कियां सुरक्षित की गईं।
मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. राज मोहन के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा यह अभियान भारतीय रेलवे के विभिन्न जोनों में संकटग्रस्त बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।
लापता और बेघर बच्चों के लिए जीवन रेखा
‘नन्हे फरिश्ते’ उन बच्चों के लिए जीवन रेखा साबित हो रहा है, जो अपहरण, गुमशुदगी, मानसिक विक्षिप्तता या बेघर होने जैसी परिस्थितियों से जूझते हैं। आगरा मंडल की टीम ने न केवल बच्चों को बचाया बल्कि उन्हें ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर दर्ज कर उनके परिवारों तक पहुंचाने का काम किया।
सिर्फ बचाव नहीं, जागरूकता भी
आरपीएफ ने इस पहल के जरिए केवल मासूमों को बचाने का ही नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने का भी काम किया है। घर से भागे और लापता बच्चों की स्थिति को सामने लाकर लोगों को सतर्क किया गया। साथ ही रेलवे नेटवर्क को बच्चों के लिए और सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
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