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Agra, Uttar Pradesh, India. 13वें भारतीय अंगदान दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने अंगदान किया है। इसके लिए उन्हें एक प्रमाणपत्र भी जारी हुआ है। स्वयं अंगदान करने के बाद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने लोगों से अंगदान की अपील की है।
प्रो एसपी सिंह बघेल का कहना है, वे इस बात में यकीन रखते हैं कि किसी भी व्यक्ति से कुछ करने के लिए कहने से पहले हमें उस कार्य को खुद में आत्मसात करना चाहिए। इसीलिए आज 13वें भारतीय अंगदान दिवस पर लोगों से अंगदान की अपील करने से पहले खुद अंग दान करने की शपथ ली।
प्रो. बघेल ने बताया कि कई सारे अंगों का दान किया जा सकता है। यह सिर्फ हृदय, लिवर और गुर्दे का दान नहीं होता। आप पैनक्रियाज, फेंफड़े, छोटी और बड़ी आंत, पेट, त्वचा, हड्डी, हार्ट वाल्व और टेंडन जैसे टीश्यूज को भी दान कर सकते हैं। दान किया हुआ यह अंग किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है। इसके लिए दानदाता के शरीर से दान किए गए अंग को ऑपरेशन द्वारा निकाला जाता है।
अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे देश में 17 अगस्त तक कार्यक्रम होंगे। इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के नाम एक परिपत्र जारी किया है। इसमें बताया है कि भारत सरकार ने देश में अंग खरीदी और वितरण की एक कुशल और संगठित प्रणाली प्रदान करने और दाताओं की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाए रखने के लिए एक शीर्ष संगठन राष्ट्रीय अंग और उत्तक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के साथ ही क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर समान संगठनों की स्थापना की है।
इस बीच दिल्ली में 13वें भारतीय अंगदान दिवस (आईओडीडी) समारोह हुआ। इसमें केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि “किसी दूसरे व्यक्ति को जीवन देने से बड़ी मानवता की सेवा नहीं हो सकती। 2013 में लगभग 5000 लोग अपने अंग दान के लिए आगे आए। अब सालाना 15,000 से अधिक लोग अंगदान कर रहे हैं।

यह समारोह मृत व्यक्तियों के परिवारों द्वारा अपने प्रियजनों के अंगदान करने के साहसिक निर्णय के लिए सम्मानित करने, मृत व्यक्ति के अंगदान करने के बारे में जागरूकता फैलाने और अंगदान तथा प्रत्यारोपण के क्षेत्र में काम करने वाले चिकित्सकों के योगदान को मान्यता प्रदान करने और उन्हें पुरस्कार देने के लिए आयोजित किया गया था। समारोह में केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल और डॉ. भारती प्रवीण पवार भी शामिल हुए।
अंगदाताओं के लिए छुट्टी की अवधि 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है। 65 वर्ष की आयु सीमा हटा दी गई है। अंगदान की प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित किया गया है। सरकार देश में अंग दान को लोकप्रिय बनाने के लिए और अधिक नीतियां और सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ब्रेन स्टेम मृत्यु और अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने, अंगदान से जुड़े मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने व देश के नागरिकों को मृत्यु के बाद अंगों और ऊतकों को दान करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने, साथ ही अंगदान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए 2010 से हर साल भारतीय अंग दान दिवस (आईओडीडी) मनाया जाता है। अंग प्रत्यारोपण की मांग कम करने के लिए अभियान कार्यों में स्वस्थ जीवनशैली और कल्याण को बढ़ावा दिया गया है।
इस वर्ष आज़ादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में अंग दान के लिए जागरूकता अभियान “अंगदान महोत्सव” शुरू किया गया है। केन्द्र सरकार के मंत्रालयों, राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकार/अस्पतालों/संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य हितधारकों की भागीदारी के साथ अंगदान महोत्सव पूरे देश में शहर से लेकर गांव स्तर तक मनाया जा रहा है। अभियान के तहत जुलाई 2023 को अंगदान माह के रूप में मनाया गया। भारत सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म, माईगॉव के माध्यम से अंग और ऊतक दान को बढ़ावा देने की दिशा में राष्ट्रीय वेबिनार, साइक्लोथॉन, वॉकथॉन, अंगदान प्रतिज्ञा और राष्ट्रीय स्लोगन प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियां शुरू की गई हैं।
दान किया गया प्रत्येक अंग बहुमूल्य, जीवनरक्षक और एक राष्ट्रीय संसाधन है। एक व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद किडनी, लीवर, फेफड़े, हृदय, अग्न्याशय और आंत जैसे महत्वपूर्ण अंगों का दान करके 8 लोगों को नया जीवन दे सकता है और कॉर्निया, त्वचा, हड्डी और हृदय वाल्व आदि जैसे ऊतकों का दान करके कई लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है। 13वें आईओडीडी प्रत्यारोपण के लिए अंगों की आवश्यकता वाले लोगों की संख्या और दाताओं की संख्या के बीच मौजूदा अंतर को पाटने के लिए लोगों को अंग दान करने के लिए प्रेरित करने का एक अवसर है। लोगों को एक नेक काम के लिए आगे आने और इस राष्ट्रीय प्रयास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंग दान और प्रत्यारोपण के बारे में किसी भी जानकारी के लिए कोई भी एनओटीटीओ की वेबसाइट www.notto.mohfw.gov.in पर जा सकता है या टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर 180114770 पर कॉल कर सकता है। ऑनलाइन संकल्प सुविधा उपरोक्त एनओटीटीओ वेबसाइट और https://pledge.mygov.in/organ-donation/ पर भी उपलब्ध है।
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