25 से अधिक श्रावक-श्राविका चंदनबाला तेले का तप कर रहे
31 अक्टूबर को चंदनबाला के कठिन तब के बारे में बताएंगे
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Agra, Uttar Pradesh, India. साध्वी वैराग्य निधि महाराज साहब ने कहा है कि भगवान महावीर ने आत्मविकास और आत्ममुक्ति का जो उपदेश दिया है, उसे ही आगम कहते हैं। आगम का अर्थ है ज्ञान में जीवन निर्माण व जीवन निर्वाह का मार्ग प्रशस्त करना। ज्ञान, ज्ञानी और ज्ञान के उपकरण की आशातना व अवहेलना से हमारी ज्ञानशक्ति कमजोर होती है।
साध्वी महाराज जैन दादाबाड़ी में आगम महापूजन समारोह को संबोधित कर रही थीं। आगम महापूजन के माध्यम से सभी ने ज्ञान की आराधना का अनुपम लाभ लिया। शनिवार को ज्ञान पंचमी के पावन पर्व पर साध्वी श्री वैराग्य निधि महाराज साहब की निश्रा में श्रावक श्राविका ने मां सरस्वती की आराधना की। शेष 25 आगम एवं परमात्मा का महापूजन किया। आगरा के इतिहास में यह आगम का महापूजन अनूठा एवं प्रथम था। महापूजन करते हुए सभी भक्तजन भक्ति एवं श्रद्धा में डूब गए। परमात्मा की जय-जयकार करने लगे।

श्वेताम्बर जैन मूर्तिक पूजक श्री संघ एवं आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने बताया 25 से अधिक श्रावक श्राविका 3 दिन के चंदनबाला तेले का तप कर रहे हैं। यह तप 31 अक्टूबर, 2022 को पारने के साथ पूर्ण होगा। उस दिन भगवान महावीर की परम शिष्या चंदनबाला के कठिन तप के बारे में अवगत कराया जएगा।
आज के लाभार्थी राजकुमार जैन, सुनील कुमार जैन, शिल्पा, सम्यक जैन, चंदा ललवानी थे। अन्य लाभार्थी दीपेश, विजय सेठिया अशोक, नितिन, ललवानी विमल जैन, पंकज लोढ़ा, विनीत जैन, अजय कोठारी, विजय सेठिया, रीना दूगड़, सरला जैन, चंद्रकला जैन, पूर्वा, शालू, स्वाति जैन, पारुल सिंघल, नूतन जैन, मोनिका वैद रहे।

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