हमारे घरों में लहसुन का प्रयोग दाल में तड़के देने के लिए या फिर सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है मगर क्या आप जानते हैं कि इसके अपने फायदे और नुकसान भी हैं।
लहसुन भारतीय रसोई में सबसे आम सामग्री में से एक है। इसका सेवन हजारों साल से कहीं पहले से किया जा रहा है। इसके स्वाद के दीवाने न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी हैं। यह न केवल खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है, बल्कि कई घरों में तो यह दवाओं के रूप में भी इस्तेमाल होता है। कोरोना (COVID-19) काल में भी लोगों ने इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इसका खूब सेवन किया था।
मगर जहां किसी चीज के फायदे हैं, वहीं अपने नुकसान भी हैं। इसी तरह से लहसुन भी है, जिसके कच्चा खाने या फिर ज्यादा खाने से जानलेवा दुष्प्रभाव भुगतने पड़ सकते हैं।
मतली, उल्टी और हार्ट बर्न
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ यूएस द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, खाली पेट लहसुन का सेवन करने से बहुत से लोगों को हार्ट बर्न, मतली और उल्टी हो सकती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार लहसुन में कुछ यौगिक होते हैं जो एसिडिटी का कारण बन सकते हैं।
ज्यादा ब्लीडिंग होने का खतरा
लहसुन को प्राकृतिक रूप से रक्त पतला करने वाला पदार्थ माना जाता है, इसलिए हमें बड़ी मात्रा में लहसुन का सेवन रक्त पतला करने वाली दवाओं जैसे कि वार्फरिन, एस्पिरिन आदि के साथ नहीं करना चाहिए। इसका कारण यह है कि रक्त को पतला करने वाली दवा और लहसुन का संयुक्त प्रभाव खतरनाक है, और इससे जोखिम बढ़ सकता है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं न खाएं
गर्भवती महिलाओं या स्तनपान कराने वाली माताओं को इस अवधि में लहसुन खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह लेबर को प्रेरित कर सकता है। स्तनपान कराने वाली माताओं को भी ज्यादा लहसुन इसलिए खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह दूध के स्वाद को बदल देता है।
छोटे बच्चों के लिए
यदि बच्चा छोटा है तो उसे प्रति दिन लगभग 300 मिलीग्राम की मात्रा में लहसुन देना ठीक माना जाता है। इसे बच्चे की स्किन पर लगाने की भी गलती न करें क्योंकि इससे स्किन जल सकती है या फिर अन्य प्रकार का नुकसान भी पहुंच सकता है।
बढ़ा सकता है वेजाइनल इंफेक्शन
यदि किसी महिला को वेजाइनल इंफेक्शन है, तो उसे ज्यादा मात्रा में लहसुन लेने से बचना चाहिए क्योंकि यह वजाइना की महीन टिशू को नुकसान पहुंचाकर संक्रमण को बढ़ा सकता है।
लीवर के लिए ठीक नहीं
लीवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, क्योंकि यह रक्त को साफ, वसा चयापचय, प्रोटीन चयापचय और हमारे शरीर से अमोनिया को हटाने जैसे विभिन्न कार्य करता है। कई अध्ययनों के अनुसार, यह पाया गया है कि लहसुन में एलिसिन नामक एक यौगिक होता है, जो बड़ी मात्रा में लेने पर यकृत विषाक्तता का कारण बन सकता है।
कितनी मात्रा में करें लहसुन का सेवन
रोजाना तौर पर आप लहसुन की 2-3 कली खाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप इसका सप्लीमेंट लेते हैं तो प्रति दिन 600 से 1,200 मिलीग्राम तक की मात्रा काफी है।
-एजेंसियां
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