यूपी के असलहा धारकों के लिए के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का सोमवार को बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने असलहा धारकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि जनरल ऑर्डर के जरिए चुनाव के समय प्रशासन सबके असलहा जमा नहीं कराया जा सकता है। हाईकोर्ट ने इसको लेकर पूर्व के फैसलों का भी उल्लेख किया है। चुनाव के दौरान सामान्य तौर पर एक आदेश के जरिए प्रशासन सबके असलहे जमा करा लेता था। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद इस मामले में स्पष्ट आदेश दिया है।
केवल उन्हीं के असलहा जमा कराएगा, जिनसे कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह आदेश रविशंकर तिवारी और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन केवल उन्हीं के असलहा जमा कराएगा, जिनसे कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर उस व्यक्ति से शस्त्र जमा कराने के लिए कहा जा सकता है। बता दें कि चुनाव नजदीक आते ही शस्त्रधारकों से असलहा जमा कराने होते हैं।
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी स्क्रीनिंग कमेटी
याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में सुरक्षा उपाय को आधार बनाकर लोगों से असलहा जमा करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने आदेश में कहा कि अगर किसी शस्त्रधारक से कानून व्यवस्था को लेकर खतरा हो तो उसके लाइसेंस जमा कराया जा सकता है, लेकिन इसको लेकर स्क्रीनिंग कमेटी को उसे भी असलहा जमा कराने की वजह बतानी होगी। स्क्रीनिंग कमेटी की अगुवाई डीएम करेंगे, जिसमें एसपी, एडीएम एएसपी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।
-एजेंसी
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