आज एक ओर दिल्ली में आगरा नगर निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में देश के दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में टॉप-10 में जगह मिली और यूपी के 17 नगर निगमों में दूसरा स्थान हासिल हुआ, वहीं दूसरी ओर आगरा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन को सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम में धरना देना पड़ा। कहीं यह तो नहीं कि शहर चमक रहा है कागज़ों में, लेकिन जमीनी हालात बदहाल हैं।
सफाई व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन गुरुवार को नगर निगम पहुंचे और समर्थकों संग धरना देकर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर गंदगी का अंबार है, जलभराव से हालात बदतर हैं और नगर निगम सिर्फ स्वच्छता सर्वेक्षण के आंकड़ों में झूठी चमक दिखा रहा है।
सांसद ने कहा कि नगर निगम में बजट का बंदरबांट हो रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों का फंड मिला, लेकिन सफाई कर्मचारी नहीं बढ़ाए गए। सफाई कैसे होगी? उन्होंने बताया कि जनसंख्या के अनुपात में 7,500 सफाईकर्मियों की जरूरत है, जबकि मात्र 4,000 ही तैनात हैं। पिछले साल एक हजार कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव पास हुआ था, लेकिन एक की भी नियुक्ति नहीं हुई।
सांसद ने चेताया कि बरसात के दिनों में जलभराव से शहर में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बना है। जब समय रहते सफाई नहीं होगी तो लोग बीमार पड़ेंगे, इसका जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने सवाल किया।
सुमन ने कहा कि शहर के हर वार्ड में कचरा, गंदगी और बजबजाती नालियों से लोग त्रस्त हैं। बुज़ुर्ग, बच्चे, महिलाएं, सबको इसकी मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन नगर निगम अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है।
सांसद ने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर तत्काल सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर का सपना सफाईकर्मियों की समुचित संख्या के बिना अधूरा है।
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