लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वो लगातार पदाधिकारियों के साथ बैठक कर नए प्लान तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही बसपा से बाहर हुए पुराने लोगों की वापसी का भी दौर जारी है। इन सबके बीच मायावती के भतीजे और बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के सुसर अशोक सिद्धार्थ ने बसपा सुप्रीमो मायावती से माफी मांग ली है। उन्होंने सोाशल मीडिया एक्स पर क्षमा मांगते हुए पार्टी में दोबारा लेने का आग्रह किया।
फर्रुखाबाद निवासी बसपा के पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी। इसमें सबसे पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को चरण स्पर्श लिखा। इसके बाद लिखा कि, मुझसे पार्टी का कार्य करने के दौरान् “जाने व अनजाने” में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं तो उसके लिए मैं बहन जी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
जिन्होंने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिन्दगी, इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है। आदरणीय बहन जी से मैं हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि वे मुझे माफ कर दें, आगे मैं कभी भी गलती नहीं करूंगा और पार्टी के अनुशासन में ही रहकर, उनके मार्ग-दर्शन एवं दिशा-निर्देश में ही कार्य करूंगा।
साथ ही मैं रिश्तेदारी आदि का भी कोई नाजायज फायदा नहीं उठाऊंगा। यहां मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि खासकर संदीप ताजने बी.एस.पी. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट व हेमन्त प्रताप, निवासी जिला फिरोजाबाद तथा यू.पी. के अन्य जिन भी गलत लोगों को पार्टी से निकाला गया है तो मैं उनको वापिस लेने के लिए कभी भी सिफारिश नहीं करूंगा। यह भी मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं। अन्त में अब मैं पुनः बहन जी से अपनी सभी छोटी-बड़ी गलतियों की माफी मांगते हुये उनसे पार्टी में वापिस लेने के लिए विशेष आग्रह करता हूं। बहन जी की अति कृपा होगी।
- आगरा के रमा चैरिटेबल ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित: RGAV सामाजिक सेवा संस्था की पहल पर लोगों ने किया बढ़-चढ़कर रक्तदान - October 5, 2026
- फ़िल्म हनुमान अंश के सॉन्ग ‘पार्वती’ ने यूट्यूब पर रचा इतिहास, 100 मिलियन व्यूज के साथ भारत और वैश्विक चार्ट्स पर छाया - October 5, 2026
- आगरा में भव्य रूप से मनाई गई अशोक सिंघल की जन्मशती: दिनेश चंद और साध्वी ऋतंभरा ने किया स्मरण, हिंदू समाज को एकजुट रहने का संदेश - October 4, 2026