आगरा। दलित समाज के पुरोधा और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की स्मृतियों को संजोने और उन्हें उचित सम्मान दिलाने की मांग अब तेज हो गई है। ताजनगरी आगमन पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को ‘जाटव समाज उत्थान समिति’ द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बाबूजी की ऐतिहासिक भूमिका की अनदेखी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया।
समिति के संरक्षक देवकीनंदन सोन के नेतृत्व में सौंपे गए इस मांग पत्र में कहा गया कि 50 वर्षों तक संसदीय राजनीति का विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले महानायक को न तो केंद्र और न ही बिहार सरकार ने वैसी पहचान दी, जिसके वे हकदार थे। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सामाजिक न्याय के इस प्रणेता के सम्मान में बिहार में सार्थक कदम उठाए जाएंगे।
प्रमुख मांगें और भविष्य की योजना
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि बिहार में बाबू जगजीवन राम के नाम पर एक भव्य स्मारक और संग्रहालय का निर्माण हो। उनके विचारों पर आधारित शोध संस्थान की स्थापना की जाए। छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना और शैक्षणिक संस्थान शुरू किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल में देवकीनंदन सोन के साथ बंगाली बाबू सोनी, रूपसिंह सोनी और विनोद आनंद मुख्य रूप से शामिल रहे।
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