लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। शनिवार, 7 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मायावती ने प्रदेश भर के जिला अध्यक्षों और सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों को चुनावी मोड में आने का कड़ा निर्देश दिया।
जाति-धर्म की राजनीति पर प्रहार
बैठक के दौरान मायावती ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें जनहित के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैला रही हैं। उन्होंने कहा, “जाति और धर्म की आड़ में जनता को आपस में लड़वाना देशहित में नहीं है। आज दलित, पिछड़ा, किसान और अल्पसंख्यक वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।”
SIR प्रक्रिया और संगठन की मजबूती
मायावती ने स्वीकार किया कि SIR (मतदाता सूची संशोधन) प्रक्रिया के कारण पार्टी के कुछ सांगठनिक कार्य प्रभावित हुए थे। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के काम में तेजी लाएं और बूथ स्तर पर पार्टी को अभेद्य बनाएं।
गठबंधन नहीं, अकेले लड़ेंगी चुनाव
मायावती ने एक बार फिर साफ किया कि बसपा किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विपक्षी दल बसपा के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं, जिनसे सतर्क रहने और जनता के बीच जाकर उनकी दयनीय स्थिति पर संवाद करने की जरूरत है।
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