मथुरा: धर्मनगरी मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में रविवार तड़के एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे ब्रज क्षेत्र को दहला दिया। विख्यात गौ रक्षक संत चंद्रशेखर, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, की एक ट्रक की टक्कर से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद जनाक्रोश की ऐसी लहर उठी कि दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) साढ़े चार घंटे से अधिक समय तक जंग का मैदान बना रहा।
हादसा या साजिश? तड़के 4 बजे की वारदात
घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 4 बजे की है। बताया जा रहा है कि बाबा को एक वाहन में गोवंश तस्करी की सूचना मिली थी। वे अपने शिष्यों के साथ नवीपुर गांव के पास नगालैंड नंबर के एक कंटेनर को रोककर जांच कर रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे का फायदा उठाकर पीछे से आए राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने बाबा को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। समर्थकों का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि गौ तस्करों द्वारा रची गई सोची-समझी हत्या है।
रणक्षेत्र बना हाईवे: पथराव और रबर की गोलियां
जैसे ही बाबा की मौत की खबर फैली, हजारों की संख्या में गौ रक्षक और ग्रामीण आँजनौख गौशाला के पास इकट्ठा हो गए और हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव शुरू कर दिया। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और बचाव में रबर की गोलियां भी दागनी पड़ीं। इस संघर्ष में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए हैं।
विदेशी पर्यटक फंसे, राष्ट्रपति के दौरे के बीच चुनौती
यह हिंसा उस समय हुई जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मथुरा के गोवर्धन में गिरिराज जी की परिक्रमा कर रही हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे विदेशी पर्यटकों सहित हजारों यात्री घंटों फंसे रहे। आगरा मंडल के डीआईजी और जिलाधिकारी सीपी सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मथुरा प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की तह तक जाकर जांच की जाए। सीएम ने दो टूक कहा, “दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।” प्रशासन ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है।
पूरे कोसीकलां और छाता क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हालांकि पुलिस इसे प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना मान रही है, लेकिन गौ रक्षकों के गुस्से को देखते हुए इलाके में भारी फोर्स अलर्ट मोड पर है।
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