महाकुंभ नगर: 45 दिन तक चले प्रयागराज महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगायी। लेकिन इसके बाद भी प्रदेश की कुछ आबादी पवित्र महाकुम्भ के अमृतयोग से वंचित रह गयी है। इसके लिए सरकार एक प्रयास और कि है। सरकार घर घर त्रिवेणी जल पहुंचाने का निर्णय ली है। जिसकी पहल शुरू हो गयी। घर घर जल पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की ही एक अंग मानी जाने वाली आपात अग्निशमन को दी गयी है।
प्रदेश के 75 जिले से लगभग 300 से ऊपर अग्निशमन की गाड़ियां प्रयागराज कुम्भ लगी थी। महाकुंभ समापन के बाद हर विभाग को एक एक कर जनपद के लिए रवाना किया जा रहा है। उसी क्रम में अग्निशमन को कुम्भ से मुक्त किया गया। लेकिन मुख्यमंत्री के घर घर त्रिवेणी जल पहुंचाने के उदेश्य को देखते हुए 300 अग्निशमन की गाड़ियों में लगभग 500000 लीटर से अधिक जल सभी जिलों के लिए भेजा गया।
प्रयागराज महाकुम्भ में 66.33 करोड़ लोंगो ने पहुंचकर डूबकी लगायी थी। इसके अलावा प्रदेश के जेलों में बंद 90 हजार से अधिक कैदियों और बंदियों को भी संगम का जल पहुंचाकर उन्हें स्नान कराने का अवसर दिया गया था।
अब घर घर त्रिवेणी जल पहुंचाने की योजना के तहत शनिवार को अग्निशमन की सभी गाड़ियां त्रिवेणी जल को भरकर अपने अपने जिले के लिए रवाना हो गयी है। महाकुम्भ के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी प्रमोद शर्मा का कहना की शासन के निर्देश पर प्रदेश के 75 जिलों से महा कुम्भ आई दमकल का पानी खाली कराकर संगम के पवित्र जल को इनमें भरकर संगम से सभी जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है। इस पुण्य जल से महा कुम्भ आने से वंचित रह गए लोग स्नान कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि महाकुम्भ में 300 अधिक से दमकल प्रदेश के विभिन्न जिलों से मंगाई गई थी। इन सभी की जल धारण क्षमता अलग अलग है, लगभग 5000 लीटर पानी एक दमकल में आता है। ऐसे में 5 लाख लीटर से अधिक संगम का जल इन दमकलों के माध्यम से यहां से भेजा जा रहा है। विभिन्न जनपदों के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर जिला प्रशासन इसे महा कुम्भ आने से वंचित रह गए लोगों तक उपलब्ध कराएगा।
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