सम्मान के लिए अन्ना बन ”लोधी” करेंगे गांधीगीरी
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं
Hathras, Uttar Pradesh, India. डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के गांधी एक बार फिर से गांधीगीरी के लिए मजबूर हो गये हैं। अधिवक्ता और वादकारियों की तमाम जायज मांगों को जब ठेंगा दिखाया गया तो चार मई से गांधी आमरण अनशन को मजबूर हुए हैं।
क्या मांगे हैं
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ”लोधी” मुकेश कुमार एडवोकेट ने 25 अप्रैल को जनपद न्यायाधीश को पत्र लिख मांगों पूरा करने को अवगत कराया था-
- अधिकारीगण द्वारा अधिकारीगण को अपमानित ना किया जाए।
- बार-बेंच के मध्य गहरा गहरा अभाव खत्म हो।
- न्यायालय परिसर में खारे पानी की समस्या खत्म कर आरओ की व्यवस्था हो।
- परिवार न्यायालय व न्यायालय प्रांगण में शौचालय का अभाव/ महिला वादकारियों लिए कोई शौचालय नहीं।
- अधिवक्तागणों के लिए न्यायालय कक्षों में बैठने के लिए उचित व्यवस्था हो!
- न्यायिक अधिकारीगण द्वारा लिपिकों के आधार पर कार्य करना सही नहीं है तथा तथ्य उजागर करने पर अवमानना की धमकी देना
- मजिस्ट्रेट ट्रायल केसों में अधिकारीगण द्वारा अधिकारीगण को परेशान ना किया जाए।
- छोटे मामलों में अधिक जमानत राशि निर्धारत किया जाना उचित नहीं।
- जमानतों का सत्यापन सही समय से न होना।
कोर्ट के गांधी का आरोप
”लोधी” मुकेश कुमार का आरोप है कि मांगों को सुनना-समझना तो दूर बिना किसी मांग के निस्तारण के ही यह लेटर भेज दिया गया कि आपकी समस्त समस्याओं का यथासंभव समुचित निस्तारण किया जा चुका है, जबकि अधिवक्ता न्याय प्रणाली की धुरी है। उनके साथ ऐसा हल्का व्यवहार ठीक नहीं। मजबूर मुझे गांधी और अन्ना के रास्ते जाना पड़ रहा है।
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