महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन (नमामि गंगे योजना) के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। जैतपुर ब्लॉक के ग्राम नगाराडांग में लाखों की लागत से बनी पानी की टंकी अपनी पहली टेस्टिंग की मार भी नहीं सह सकी। 13 फरवरी को पानी भरने के बाद, 14 फरवरी की दोपहर को टंकी अचानक चटक गई, जिससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया।
विधायक और मंत्री की झड़प के बाद ‘जल्दबाजी’ ने बिगाड़ा काम
हाल ही में चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच योजना की बदहाली को लेकर हुई तीखी नोकझोंक सुर्खियों में रही थी। मंत्री द्वारा 30 दिन के भीतर हर घर जल पहुँचाने के सख्त निर्देश के बाद विभाग और ठेकेदार आनन-फानन में काम निपटाने में जुटे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी जल्दबाजी और बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार के कारण घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
अधिकारियों के ‘मौखिक आदेश’ ने खोली पोल
सूत्रों के अनुसार, विभाग को टंकियों में केवल 60 से 70 प्रतिशत पानी भरने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं। क्या यह आदेश खुद इस बात का प्रमाण है कि अधिकारियों को निर्माण की कमजोरी और भ्रष्टाचार का पहले से ही आभास है?
ग्राम प्रधान गायत्री ने इस मामले में डीएम गजल भारद्वाज से लिखित शिकायत कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच की मांग की है।
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