केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ये जानकारी दी है कि तहरीक-ए-हुर्रियत जम्मू-कश्मीर को यूएपीए के तहत गैर-क़ानूनी संगठन क़रार दिया गया है. अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक राज लाने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था.
शाह ने कहा कि ये संगठन भारत विरोधी प्रचार और जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था.
शाह कहते हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और इसके तहत देश विरोधी गतिविधि में शामिल किसी भी संगठन या व्यक्ति को बख़्शा नहीं जाएगा.
तहरीक-ए-हुर्रियत जम्मू-कश्मीर सैयद अली शाह गिलानी का बनाया संगठन था. इसे साल 2004 में बनाया गया था. हालांकि 2018 में गिलानी ने अध्यक्ष पद को छोड़ दिया था.
बीबीसी के स्थानीय पत्रकार माजिद जहांगीर के मुताबिक गिलानी की मौत के बाद से ये संगठन लगभग निष्क्रिय था.
27 दिसंबर को केंद्र सरकार ने मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया था.
-एजेंसी
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