पुष्पांजलि हॉस्पिटल के चिकित्सक के कहने पर घर ले आए थे
रोने-पीटने के दौरान हाथ हिलाया तो परिजन अस्पताल ले गए
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Agra, Uttar Pradesh, India. जाको राखे साइयां मार सके न कोय.. यह कहावत भारतीय जनता पार्टी के दो बार जिलाध्यक्ष रहे महेश बघेल एडवोकेट पर सटीक बैठी है। वे काफी समय से बीमार हैं। पुष्पांजलि हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने जवाब दे दिया और कहा कि कुछ ही सांसें बची हैं। घर ले जाओ। इसके बाद महेश बघेल को सराय ख्वाजा, खेरिया मोड़ स्थित आवास पर लाया गया। वे मूल रूप से खेरागढ़ के नगला चीत के रहने वाले हैं।
वरिष्ठ पत्रकार लाखन सिंह बघेल ने बताया कि मेरे बड़े भाई महेश बघेल पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा को पुष्पांजलि वालों ने मृत घोषित नहीं किया था। यह कहते हुए घर ले जाने की सलाह दी थी कि कुछ ही क्षण की सांसे हैं, घर पर जाकर सेवा करिए। दोपहर 2:30 बजे महेश बघेल को घर लाए। घर वाले रोने पीटने लगे। इसी बीच उन्होंने हाथ हिलाया तो लगा कि सांसें हैं अभी। उन्हें तुरंत रामवेद हॉस्पिटल, न्यू आगरा में भर्ती करा दिया। फिलहाल उनका बीपी भी 114 वाई 70 है। आंखें खुली हुई हैं। ईश्वर ने चाहा तो सब ठीक हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले वॉट्सअप पर खबर फैल गई कि महेश बघेल को निधन हो गया है। पत्रकारों के ग्रुप में उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित कर दी गई। ईश्वर को कुछ और ही मंजूर है। लगता है कि भगवान अभी उनसे कुछ और काम कराना चाहता है।
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