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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. किरावली क्षेत्र के ग्राम महुअर में मंगलवार को परशुराम जयंती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रालोद के जिलाध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा प्रधान ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ किया। पूजा-अर्चना के उपरांत उन्होंने धर्म ध्वज को लहराकर प्रभात फेरी की शुरुआत की।
बैंडबाजों और जयघोषों से सजी प्रभात फेरी
गांव की गलियों में गूंजते जय परशुराम और “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” जैसे उद्घोषों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई। बैंडबाजों की धुन, केसरिया ध्वजों की छटा और धर्मनिष्ठ ब्राह्मण समाज की सहभागिता ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। मुख्य मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा एक भव्य सामाजिक समरसता का प्रतीक बनी।
गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल
गांववासियों ने जगह-जगह प्रभात फेरी पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। विशेष बात यह रही कि मुस्लिम समाज के मटरूआ खान और नजर खान ने भी इस धार्मिक आयोजन का स्वागत कर भाईचारे की मिसाल पेश की। यह दृश्य धार्मिक समन्वय और सांस्कृतिक सौहार्द का अद्वितीय उदाहरण बना।
पंडित छीतरिया फार्म पर केक कटिंग और भावी आयोजन
प्रभात फेरी के पश्चात पंडित छीतरिया कृषि फार्म पर केक काटा गया, जो कि आयोजन की आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समन्वय दर्शाता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष ललितेंद्र शर्मा ने बताया कि बुधवार को बाबा गोपालदास मंदिर परिसर में मेला लगेगा, और रात्रि में रसिया दंगल का आयोजन मुकेश शर्मा और शंभू बावरा के बीच किया जाएगा।
सामूहिक सहभागिता से सजी महफिल
इस पावन अवसर पर रालोद के जिला सचिव पं. संजय शर्मा, मनीष शर्मा, प्रभुदयाल शर्मा, राधाबल्लभ शर्मा, बासदेव दीक्षित, पंकज प्रधान, हरीबाबू दीक्षित, मुकेश तहनगुड़िया, बबलू पंडित, धीरज शर्मा, और गंगो काका सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
टिप्पणी
महुअर गांव में परशुराम जयंती पर निकली यह प्रभात फेरी मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की जीवंत धड़कन, सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश था। जब धर्म के साथ विविध समुदाय एकत्र होते हैं, तब भारत की आत्मा सजीव हो उठती है। ऐसे आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा और सद्भावना का संचार होता है।
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