ऐसे समय में जबकि जीवनयापन ख़र्च (कॉस्ट ऑफ़ लिविंग) लगातार बढ़ता ही जा रहा है, ऐसे में यह सवाल भी पूछना बनता है कि आख़िर एयरफ्रायर किस तरह तरह से इलेक्ट्रिसिटी या एनर्जी की खपत को बढ़ा रहा है और पॉकेट पर इसका क्या असर होता है. अथवा एयरफ्रायर में बेहद कम तेल या फिर ना के बराबर तेल का इस्तेमाल किया जाता है तो क्या ऐसा माना जा सकता है कि यह खाना पकाने के दूसरे विकल्पों की तुलना में ज़्यादा सेहतमंद विकल्प है?
कैसे खाना पकाता है एयरफ्रायर
एयरफ्रायर लगभग ब्रेड-मशीन की साइज़ के आकार का होता है और यह किचन-काउंटर पर फ़िट हो जाता है. इसके अंदर रखे खाने के चारों ओर बेहद गर्म हवा को, बहुत तेज़ स्पीड में गुज़ारता है.
जैकब रैडज़िकोव्स्की, इम्पीरियर कॉलेज लंदन में कुलिनरी एजुकेशन डिज़ाइनर हैं. वह कहते हैं, “यह मूल रूप से बहुत तेज़ और बहुत गर्म हवा होती है. आप चाहें तो इसे हेयर-ड्रायर की तरह समझ सकते हैं.”
“यह मूल तौर पर फ़ैन-ओवन जैसा होता है. लेकिन यह छोटा होता है और इसके अंदर मौजूद पंखा बहुत तेज़ होता है.”
कितनी देर में खाना पकाता है एयरफ्रायर
जैकब कहते हैं कि एयरफ्रायर का फ़ैन काफी ताक़तवर होता है और इसका कंपार्टमेंट बहुत छोटा होता है, और ये पूरी डिवाइस बहुत अधिक कारगर है.
वह कहते हैं, “एयरफ्रायर में मैं मुर्गे की टांग को शायद 20 मिनट में पका सकता हूं. वहीं ओवन में इसे पकाने में कुछ अधिक समय लग जाएगा.”
इसके साथ ही अगर एक बड़े कंवेशनल में अगर इसे पकाया जाए तो इसे प्रीहीट करने में ही काफी समय लग जाता है.
लेकिन जिस जगह खाद्य पदार्थ को रखकर इसे पकाया जाता है, वह जगह इतनी कम होती है कि एक बार में बहुत कम मात्रा में ही खाना पक पाता है.
फ़ूड साइंटिस्ट के मुताबिक़, “अगर आप चार या छह लोगों के लिए खाना पका रहे हैं तो यह आपका समय बचाने में मददगार साबित नहीं होगा क्योंकि आपको फ्रायर में कई-कई बार खाने की चीज़ें, कम-कम मात्रा में रखनी होंगी.”
कुरकुरी चीज़ें बनाता है एयरफ्रायर
एयरफ्रायर्स के जो विज्ञापन आमतौर पर हम देखते हैं, उनमें ज़्यादातर मॉडल चिकन और फ्राइज़ बनाते हुए दिखते हैं क्योंकि ये अप्लाएंस आपके लिए तब बहुत काम का है, जब आपको कुछ क्रिस्पी खाने का मन हो.
जैकब का कहना है कि ये अप्लाएंस खाने को क्रिस्पी, कुरकुरा बना देते हैं. तो अगर आपको बहुत क्रिस्पी खाने का शौक है, तो यह अप्लाएंस आपके खाने को वैसा ही बनाते हैं.
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