नकली दवाओं के अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, मुख्य सरगना राजा ने पुदुचेरी कोर्ट में किया सरेंडर

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आगरा/पुदुचेरी। देशभर में नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस नेटवर्क का मुख्य सरगना राजा उर्फ वालियप्पन पुदुचेरी की अदालत में आत्मसमर्पण कर चुका है। वह आगरा में दर्ज एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। सरेंडर के बाद पुदुचेरी पुलिस ने उसके खिलाफ नकली दवाओं के एक अन्य प्रकरण में नया मुकदमा भी दर्ज किया है। इससे पहले आगरा पुलिस उसके कर्मचारी ए.के. राणा को गिरफ्तार कर आगरा लाकर जेल भेज चुकी है।

राजा पर आरोप है कि उसने लुपिन (Lupin) सहित कई नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर देश के विभिन्न राज्यों में उनकी आपूर्ति करवाई। आगरा पुलिस की विशेष टीम बी-वारंट लेकर पुदुचेरी पहुंच चुकी है, ताकि आरोपी को अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ के लिए आगरा लाया जा सके।

कर्मचारी की गिरफ्तारी से टूटी साजिश की कड़ी

इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब आगरा पुलिस ने राजा के भरोसेमंद कर्मचारी ए.के. राणा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान राणा ने नकली दवाओं के निर्माण, सप्लाई चेन और फंडिंग से जुड़े कई अहम राज उगले, जिसके बाद पुलिस की जांच सीधे मुख्य सरगना राजा तक जा पहुंची।

घाटे से शुरू हुआ सफर, अपराध की राह तक पहुंचा कारोबार

पूछताछ में सामने आया कि राजा ने करीब दस वर्ष पहले दवाओं के व्यापार में कदम रखा था। शुरुआती वर्षों में लगातार घाटा होने पर उसने नुकसान की भरपाई के लिए नकली दवाएं बनवाने का रास्ता अपनाया। दिल्ली की एक प्रसिद्ध कंपनी के नाम से उसने 16 ब्रांडों की नकली दवाएं तैयार कराईं, जिनकी सप्लाई कई राज्यों में की गई। मोटे मुनाफे के चलते यह अवैध कारोबार तेजी से फैलता चला गया।

कई राज्यों में फैली सप्लाई, संरक्षण के सनसनीखेज दावे

राजा के बयान के अनुसार नकली दवाओं का यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, असम, केरल, आंध्र प्रदेश समेत 16 राज्यों तक फैला हुआ था। उसने दावा किया कि इस कारोबार में कई एजेंटों और बड़ी कंपनियों की भूमिका रही, साथ ही पुदुचेरी के कुछ राजनीतिक रसूखदारों के संरक्षण का भी चौंकाने वाला खुलासा किया है।

सीबीसीआईडी की कार्रवाई, यूनिट्स पर छापे

पुदुचेरी की क्राइम ब्रांच-सीआईडी (CBCID) अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें राजा, उसका सहयोगी विवेक, ए.के. राणा, मैयप्पन समेत नौ अन्य आरोपी शामिल हैं। सीबीसीआईडी ने तिरुपुवनई पलयम और मेट्टूपलयम स्थित नकली दवा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर फैक्ट्रियां और गोदाम सील किए। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की मशीनरी और भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं।

आर्थिक एजेंसियां सक्रिय, लेनदेन की जांच तेज

रेड्डियारपलयम स्थित राजा के घर की तलाशी में पुलिस को जेवरात और संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। सीबीसीआईडी ने कई करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दी है। साथ ही जीएसटी विभाग से पिछले तीन वर्षों के टैक्स भुगतान का विवरण भी तलब किया गया है।

आगरा पुलिस की अगली चाल, और बड़े खुलासों के संकेत

ए.के. राणा की गिरफ्तारी के बाद अब आगरा पुलिस की पूरी कोशिश है कि राजा को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जाए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे नकली दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क, फंडिंग, संरक्षण और बाजार तक पहुंच से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh