भारत में वित्त वर्ष 2022-23 के पहले चार महीनों के दौरान कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में 34 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. आयकर विभाग का कहना है टैक्स दरें कम करने और कर संग्रह प्रक्रिया को आसान करने का नतीजा दिख रहा है.
वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 7.23 लाख करोड़ रुपये रहा था. यह वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में 58 फीसदी अधिक था.
आयकर विभाग ने ट्वीट कर कहा है कि “अप्रैल से लेकर जुलाई तक कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में जो उछाल आया है, उससे 2019 के उन आरोपों का जवाब मिल गया था, जिनमें कहा गया था कि कंपनियों की टैक्स दरों में कमी गई है, जिससे सरकार को राजस्व का घाटा हुआ हुआ है. इससे सरकार की सामाजिक कल्याण की स्कीमों में खर्च कम हो रहा है.”
टैक्स कलेक्शन देश में आर्थिक गतिविधियों का संकेत देता है.
कंपनियों के मुनाफे में इजाफे से पता चलता है कि मांग बढ़ रही है और संपत्ति का निर्माण हो रहा है.
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