आगरा में ‘फाइनेंस माफिया’ का नंगा नाच: बीमार मां को अस्पताल ले जा रहे युवक की बीच सड़क छीनी बाइक, बोले- थाने को 50 हजार महीना देते हैं…

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आगरा। ताजनगरी में लोन रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ा दी हैं। खंदौली क्षेत्र में अपनी बीमार मां को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे एक युवक को एक दर्जन दबंगों ने बीच रास्ते में घेर लिया।

आरोप है कि खुद को रिकवरी एजेंट बताने वाले इन गुर्गों ने युवक के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जबरन उसकी बाइक छीन ली। हद तो तब हो गई जब दबंगों ने पुलिस के नाम पर युवक को सरेआम चुनौती दे डाली।

​इलाज के लिए जा रहे थे, एक्सप्रेसवे के नीचे घेरा

​घटना बुधवार की है। मुड़ी चौराहा निवासी हरेंद्र अपनी मां गुड्डी देवी को अपाचे बाइक (UP80 HD 3537) पर बैठाकर टेड़ी बगिया स्थित अस्पताल ले जा रहे थे। जैसे ही वे यमुना एक्सप्रेसवे के नीचे पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे 10-12 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। पीड़िता गुड्डी देवी ने रालोद के जिला सचिव आशीष शर्मा के लेटरहेड पर थाना खंदौली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।

गन प्वॉइंट जैसी दहशत: जबरन बनवाया ‘मर्जी’ का वीडियो

​पीड़ित हरेंद्र के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताया। जब मां-बेटे ने गिड़गिड़ाते हुए अस्पताल जाने की बात कही, तो गुर्गों ने उनके साथ बदतमीजी और मारपीट शुरू कर दी। दहशत फैलाने के लिए दबंगों ने हरेंद्र से दबाव में एक वीडियो भी रिकॉर्ड करवाया, जिसमें उससे कहलवाया गया कि ‘वह अपनी मर्जी से बाइक दे रहा है।’ पीड़ित का कहना है कि जान बचाने के लिए उसे डर के मारे वैसा बोलना पड़ा जैसा दबंगों ने चाहा।

​’थाने को देते हैं 50 हजार’—पुलिस को दी खुली चुनौती

​बाइक छीनने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को फरमान सुनाया कि ’65 हजार रुपये लेकर गौरव मेडिकल स्टोर पर आ जाना, तभी गाड़ी मिलेगी।’ जब हरेंद्र ने पहचान पत्र मांगा और पुलिस से शिकायत की बात कही, तो आरोपियों ने अहंकार में चूर होकर कहा— “पुलिस को चाहे जहाँ फोन कर ले, हम थाने को हर महीने 50 हजार रुपये देते हैं, तू हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।” आरोपियों में से एक ने अपना नाम नितिन (निवासी नगला मट्टू) बताया है।

​सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरेआम अवहेलना

​गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कई बार सख्त निर्देश दे चुके हैं कि कोई भी बैंक या फाइनेंस कंपनी बाहुबलियों के जरिए सड़क पर चलते वाहन को जब्त नहीं कर सकती। रिकवरी की एक कानूनी प्रक्रिया होती है, लेकिन आगरा में ‘फाइनेंस माफिया’ के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बीमार महिला तक को सड़क पर छोड़ने से नहीं हिचकिचाए। फिलहाल खंदौली पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh