आगरा में कॉमरेड रमेश मिश्रा की स्मृति में वैचारिक महासंग्राम: प्रख्यात अर्थशास्त्रियों ने कहा— ‘समाजवाद के बिना किसी देश का समग्र विकास असंभव’

PRESS RELEASE

आगरा: भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय कॉमरेड रमेश मिश्रा के षष्ठम स्मृति दिवस पर पचकुइयां स्थित माथुर वैश्य सभागार में ‘वैचारिक मंथन-6’ का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘दुनिया की बदलती तस्वीर और भारतीय अर्थव्यवस्था के हालात’ रहा, जिसमें देश भर के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक संकट और भारत की स्थिति पर चिंतन किया।

​समाजवाद ही विकास का एकमात्र मार्ग

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता और दिल्ली स्थित जोशी-अधिकारी इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज़ की प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. जया मेहता ने वैश्विक आर्थिक ढांचे का विश्लेषण करते हुए कहा कि समावेशी विकास समाजवाद के सिद्धांतों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अनियंत्रित और असंतुलित वितरण ने आर्थिक असमानता की खाई को इतना चौड़ा कर दिया है कि इससे नई सामाजिक चुनौतियां जन्म ले रही हैं।

बदलाव के लिए निरंतर संघर्ष की आवश्यकता

भारतीय महिला फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड निशा सिद्धू, राष्ट्रीय सचिव अरुणा सिन्हा और प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड विनीत तिवारी ने एक स्वर में कहा कि सामाजिक विषमताओं को खत्म करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैचारिक संघर्ष की निरंतरता ही बदलाव की इकलौती कुंजी है।

स्मरणों में जीवित हुए रमेश मिश्रा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉमरेड ओम प्रकाश ने की। स्वर्गीय रमेश मिश्रा के पुत्र कॉमरेड नीरज मिश्रा ने अपने पिता के जन-आंदोलनों और उनके संघर्षमयी जीवन से जुड़े संस्मरण सुनाए, जिससे सभागार में मौजूद हर कोई भावुक हो उठा। भाकपा के जिला मंत्री कॉमरेड पूरन सिंह और एस. के. खोसला ने भी वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में कम्युनिस्ट विचारधारा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक सत्र की गूंज

वैचारिक मंथन के साथ ही सांस्कृतिक सत्र भी अत्यंत प्रभावी रहा। इप्टा (IPTA) आगरा के कलाकारों ने दिलीप रघुवंशी के नेतृत्व में क्रांतिकारी जनगीत प्रस्तुत किए। ‘लेनिन तुम्हें सलाम’, ‘जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर’ और महंगाई पर कटाक्ष करते गीत ‘महंगाई डायन खाए जात है’ ने श्रोताओं को गहरे सामाजिक संदेश दिए।

सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आयोजन

कार्यक्रम का संचालन दिलीप रघुवंशी ने किया और समापन पर भाकपा के उप सचिव मोहन सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस वैचारिक आयोजन में शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

Dr. Bhanu Pratap Singh