ऐतिहासिक गरिमा या प्रचार का मंच? ताजमहल में साड़ी शूट का वीडियो वायरल, पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय समाचार

आगरा: विश्व प्रसिद्ध ताजमहल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार चर्चा का कारण स्मारक की सुंदरता नहीं, बल्कि परिसर के भीतर किया गया एक कथित ‘प्रमोशनल वीडियो शूट’ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला को साड़ी ब्रांड के प्रचार के लिए ताजमहल के विभिन्न स्थानों पर पोज देते और शूट कराते देखा जा रहा है।

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो ने स्मारक की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वीडियो में दिख रहे दृश्यों को देखकर दर्शक यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या एएसआई (ASI) जैसे संवेदनशील ऐतिहासिक स्थल पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुमति दी गई थी? हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी भी सरकारी विभाग या पुरातत्व विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा और निगरानी पर उठे सवाल

ताजमहल परिसर में प्रवेश के दौरान पर्यटकों की सघन जांच और वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों की भारी मौजूदगी रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कैमरे, ट्राइपॉड या विज्ञापन के उद्देश्य से की गई यह गतिविधि सुरक्षाकर्मियों की नजरों से कैसे ओझल रही? सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विश्व धरोहर की गरिमा के साथ खिलवाड़ भी है।

जांच और कार्रवाई की मांग

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। लोगों का तर्क है कि यदि नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक शूट किया गया है, तो यह सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक स्थलों पर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।

अभी तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) या स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच के बाद क्या यह वीडियो किसी फिल्म का हिस्सा है या वास्तव में बिना अनुमति के किया गया एक व्यावसायिक प्रचार।

Dr. Bhanu Pratap Singh