कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। कौशलपुरी स्थित केसी अपार्टमेंट के एक फ्लैट में करीब सात दिनों तक एक बुजुर्ग का शव पड़ा रहा और उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ बहन उसी कमरे में शव के साथ जीवन बिताती रहीं। दुर्गंध फैलने के बाद जब पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए।
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले 72 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग अरुण मल्लिक अपनी छोटी बहन हेमलता के साथ अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि जब फ्लैट से तेज दुर्गंध आनी शुरू हुई, तो उन्हें अनहोनी का आभास हुआ। शनिवार देर रात पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो अरुण मल्लिक का शव बुरी तरह सड़ चुका था। मृतदेह की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों का अनुमान है कि मृत्यु करीब 5 से 7 दिन पहले हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसमें मृत्यु का प्राथमिक कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी बताया गया है। परिजनों के अनुसार, एयरफोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद अरुण मल्लिक ने लोक निर्माण विभाग में भी अपनी सेवाएं दी थीं। पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए उनके छोटे भाई तरुण मल्लिक ने बताया कि अरुण का अपनी पत्नी से तीन साल बाद ही तलाक हो गया था और तब से वे बहन के साथ ही रह रहे थे।
बहन की स्थिति और परिजनों का निर्णय
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने पाया कि मृतक की बहन हेमलता मानसिक रूप से मंदबुद्धि हैं। उन्हें अपने भाई की मृत्यु का आभास तक नहीं हो सका, जिसके चलते वे कई दिनों तक उसी कमरे में रहीं। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों ने हेमलता की जिम्मेदारी खुद उठाने का निर्णय लिया है।
छोटे भाई तरुण मल्लिक ने कहा है कि अब वे अपनी बहन को अपने साथ रखेंगे और उनकी पूरी देखभाल करेंगे। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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