आगरा स्थित दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) के विज्ञान संकाय प्रांगण में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर परम श्रद्धेय ग्रेशस हुजूर परम वंदनीय रानी साहिबा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को एक दिव्य स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में 300 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और योग साधकों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन शैली का संदेश दिया।
प्रार्थना और योगाभ्यास से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके बाद संस्थान की छात्राओं ने एनएसएस (NSS) लक्ष्य गीत की प्रेरणादायी प्रस्तुति देकर पूरे परिसर को सकारात्मकता से भर दिया। योग प्रशिक्षिका श्रीमती संगीता सिन्हा ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने अभ्यास के दौरान इन क्रियाओं के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तृत प्रकाश डाला और आह्वान किया कि योग को प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
योग भारतीय संस्कृति का गौरव: डॉ. एस.के. सत्संगी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, सरन आश्रम हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. एस.के. सत्संगी ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने योग की समृद्ध वैदिक परंपरा और आधुनिक युग में उसकी वैश्विक स्वीकार्यता पर चर्चा करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया योग के वैज्ञानिक महत्व को स्वीकार कर रही है।
प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योग प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को संस्थान के कुलसचिव प्रोफेसर संजीव स्वामी द्वारा सम्मानित किया गया। विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं 82 वर्षीया श्रीमती विजय नंदिनी (लखनऊ), जिन्होंने अपनी आयु के पड़ाव पर भी अद्भुत प्रेरणादायी योग प्रदर्शन किया। इनके अलावा श्री विजय कुमार, श्री राजनाथ यादव, श्रीमती रेनू बाला (राजस्थान), वाणी, आरत, शब्द स्वरूप, मुक्ति साहनी, प्रेम भंडारी और सबसे छोटी प्रतिभागी आरती को सम्मानित किया गया। डॉ. सीमा कश्यप को विशेष पुरस्कार दिया गया, जबकि योग प्रशिक्षिका श्रीमती संगीता सिन्हा एवं डॉ. एस.डी. सिन्हा को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
नशामुक्ति का संकल्प और समापन
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” (17 जून से 26 जून) के तहत सभी को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया और उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त जीवन जीने की शपथ ली। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. सतीश कुमार, डॉ. रंजीत कुमार और एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. सनिल कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मंच संचालन डॉ. कविता रायजादा, डॉ. मोनिका एवं डॉ. दीपिका चौहान ने किया। अंत में संस्थान निदेशक प्रोफेसर सी. पटवर्धन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय गान और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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