GIO ने बढ़ाया भारत का मान: आगरा के गुरमीत कालरा “स्वीटी” सम्मानित

RELIGION/ CULTURE

 

GIO ने बढ़ाया भारत का मान: आगरा के गुरमीत कालरा “स्वीटी” सम्मानित

GIO ने इंदौर में भव्य वार्षिक कार्यक्रम किया
25 देशों से 200 से अधिक सदस्य आए
गुरमीत कालरा “स्वीटी” को इंटरनेशनल मैन्स अवॉर्ड मिला
यह सम्मान सेवा और सत्कार के लिए दिया गया

GIO क्या है

GIO का पूरा नाम Global Indians Organisation है।
यह विदेशों में बसे भारतीयों का समूह है।
इसमें पुरानी और नई पीढ़ियाँ दोनों शामिल हैं।

संस्कृति और परंपरा

संस्था का उद्देश्य भारतीय संस्कृति को सुरक्षित रखना है।
वे त्योहार मनाते हैं, पूजा-पाठ करते हैं।
बच्चों को संगीत और परंपराएँ सिखाते हैं।

सरकारी संपर्क

GIO के अधिकारी दूतावास और स्थानीय सरकारों से जुड़े रहते हैं।
भारतीयों की समस्याओं का समाधान करवाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी

यह संस्था पर्यावरण, शिक्षा और नारी सशक्तिकरण पर काम करती है।
सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं।

भारत में विस्तार

अब भारत में भी इसके चैप्टर खुल रहे हैं।
आगरा चैप्टर के अध्यक्ष गुरमीत कालरा “स्वीटी” बने।
इंदौर में नया चैप्टर शुरू हुआ। मुंबई में भी संभावना है।

इंदौर का आयोजन

इंडौर कार्यक्रम में 25 देशों से 200+ सदस्य आए।
मेयर ने भी स्वागत किया।
यह कार्यक्रम सांस्कृतिक मिलन का केंद्र बना।

अंतरराष्ट्रीय सम्मान

10 सदस्यों को International Mens Award दिया गया।
उनमें आगरा के गुरमीत कालरा “स्वीटी” भी शामिल रहे।
यह आगरा के लिए गर्व की बात है।

गुरमीत कालरा का योगदान

वे 35 वर्षों से हैंडीक्राफ्ट्स, जरदोज़ी, गलीचे और मूर्तियों का निर्यात कर रहे हैं।
भारतीय कला को दुनिया तक पहुंचाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।

यह सम्मान आगरा के लिए बहुत गौरव की बात है।

संपादकीय

भारतीय संस्कृति एक ऐसा दीप है जो दुनिया में कहीं भी जल जाए, वहीं उजाला कर देता है।
GIO जैसी संस्थाएँ इस रोशनी को और आगे ले जाती हैं।

गुरमीत कालरा जैसे लोग न केवल कला का व्यापार करते हैं, बल्कि भारत की आत्मा भी विश्व तक पहुँचाते हैं।
उनका यह सम्मान विदेशों में बसे भारतीयों के मनोबल को भी मजबूत करता है।

यह जरूरी है कि हम अपनी परंपराओं को संजोकर रखें।
यही हमारी पहचान और हमारी शक्ति है।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

Dr. Bhanu Pratap Singh