नई दिल्ली: भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली दूरदर्शन की मशहूर समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। उनके निधन के साथ ही टीवी न्यूज के उस ‘क्लासिक एरा’ का अंत हो गया है, जहाँ एंकर की सादगी और उसकी भाषा पर पकड़ ही समाचार की विश्वसनीयता का पैमाना होती थी।
तीन दशकों तक रहीं दूरदर्शन का चेहरा
सरला माहेश्वरी ने साल 1976 से 2005 तक दूरदर्शन के साथ एक लंबा सफर तय किया। 1980 और 90 के दशक में वह घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बन चुकी थीं। उनके साथ लंबे समय तक को-एंकर रहे दिग्गज एंकर शम्मी नारंग ने सोशल मीडिया पर इस दुखद सूचना को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नारंग ने लिखा, “वह शालीनता और विनम्रता की साक्षात मूर्ति थीं। भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ थी और वे ज्ञान का भंडार थीं।”
विश्वसनीयता और शालीनता की मिसाल
सरला माहेश्वरी उस दौर की न्यूज रीडर थीं जब समाचारों में आज जैसा ‘शोर’ नहीं, बल्कि स्पष्टता और ग्रेस (गरिमा) हुआ करता था। उनके खबर पढ़ने के अंदाज में एक ऐसी शांति और भरोसा था, जो दर्शकों को सहज ही अपनी ओर खींच लेता था। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस और दूरदर्शन नेशनल ने भी उन्हें याद करते हुए इसे भारतीय समाचार जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
पंचतत्व में विलीन
सरला माहेश्वरी के परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज, 12 फरवरी को शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर कर दिया गया। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले उन्हें याद कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “वह उस वक्त की एंकर थीं जब न्यूज का मतलब ड्रामा नहीं, बल्कि क्लियैरिटी होता था।”
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