Mathura (Uttar Pradesh, India)। 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण के बाद भारत चीन युद्ध के आसार बढ़ सकते हैं। देश में महामारी और अतिवृष्टि बढ़ने की भी आशंका है। श्रीविक्रम संवत 2077 में समस्त भूमण्डल पर दो सूर्य ग्रहण होंगे। भारत में 21 जून आषाढ़ कृष्णा अमावास्या रविवार को सुबह 10 बजे से लेकर दिन में 2 बजकर 30 मिनट तक देखा जा सकेगा। मथुरा में ग्रहण का समय 10ः20 से 13ः 50 तक रहेगा। यह ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र एवं मिथुन राशि पर पडेगा। ग्रहण का सूतक 20 जून शनिवार की रात्रि 10ः20 से प्रारंभ हो जायेगा।
श्रीजी पीठाचार्य मनीष बाबा श्रीजी पीठ मथुरा के अनुसार
यह ग्रहण मेष, सिह, कन्या, मकर, मीन राशियों के लिये श्रेष्ठ है। इन राशियों के जातकों के लिए लाभ की स्थिति बनायेगा। हालांकि यह लाभ की स्थिति एक महीने तक ही रहेगी। वृष, तुला, धनु, राशि पर मध्यम प्रभाव दृष्टिगोचर होगा। जबकि मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुम्भ राशि वालों के लिये नेष्ठ फल प्रद है। ग्रहणकाल के समय गर्भवती महिलाओं को फल, सब्जी, आदि नहीं काटना चाहिये। ग्रहण के समय से पूर्व अपनी साडी के पल्लू को गेरू रंग से रंग लें। ग्रहण के समय सभी भक्तजन और जिस राशि पर ग्रहण है उन राशि के जातकों को विषेश रुप से शिव आराधना करनी चाहिए। ग्रहण काल मे काले वस्त्र, छत्री, तिल, जौ, रुपये, तेल, आदि का दान करें। देव आराधना करे। इस ग्रहण के प्रभाव से युद्ध की स्थिति, अतिवृष्टि, महामारी की सम्भावना बनेगी।
ग्रहण काल में खुलेंगे ठा॰ द्वारिकाधीश मंदिर के पट
श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में सूर्य ग्रहण के समय अधिकांश मंदिरों के पट बंद रहेंगे, लेकिन द्वारिकाधीश मंदिर ग्रहण काल में भी भक्तों के लिए खुला रहेगा। इस दौरान राजाधिराज भक्तों को दर्शन देंगे। हालांकि सायंकालीन दर्शन में परिवर्तन किया गया है। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि 21 जून को पड़ने वाले सूर्यग्रहण में द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन हर दिन की तरह भक्तों के लिए खुलेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 10 से 11 बजे तक भक्तों को राजभोग के दर्शन होंगे। ग्रहण काल में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में भजन, कीर्तन कर ठाकुरजी का साथ देना होता है।
- Sort of Insurance policies - March 17, 2026
- Northwell Greenwich Village Hospital Northwell Wellness - March 17, 2026
- Test post title - March 17, 2026