केंद्र सरकार द्वारा गैर भाजपा शासित राज्यों के लिए जाने वाले कोष पर रोक लगाने के आरोपों पर अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक रूप से भद्दे विचार हैं और निहित स्वार्थ वाले लोग खुश होकर ऐसा कह रहे हैं।
कांग्रेस नेता को जवाब
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने केंद्र पर धन नहीं देने का आरोप लगाया है। इसी को लेकर लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक सवाल पूछा, जिसके जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता क्योंकि प्रणाली अच्छी तरह से स्थित है और केंद्र सरकार वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार काम करती है।
प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा, ‘कुछ राज्यों के साथ भेदभाव होने की यह खबर महज राजनीतिक रूप से भद्दे विचार है और मुझे यह कहते हुए खेद है कि निहित स्वार्थ वाले लोग खुश होकर इसे कहते हैं।’
सीतारमण ने कहा कि कोई भी केंद्रीय वित्त मंत्री वित्त आयोग की सिफारिशों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह संभव नहीं है कि कोई वित्त मंत्री यह कहकर हस्तक्षेप कर सके कि उसे यह राज्य पसंद नहीं है, इसलिए उसका भुगतान बंद कर दिया जाए। यह बिल्कुल भी संभव नहीं है और न यह इस तरह से हो सकता है। प्रणाली को बहुत अच्छी तरह से स्थापित किया गया है।
यह है आरोप
गौरतलब है, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि कांग्रेस की राज्य इकाई– सभी विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों सहित– अंतरिम बजट में राज्य को उचित धनराशि आवंटित नहीं करने के लिए सात फरवरी को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक देश में दूसरा सबसे ज्यादा टैक्स भरने वाला राज्य है और यह दुख की बात है कि हमारे राज्य को हर बार झटका लगता है। पिछले पांच साल से भाजपा सरकार कर्नाटक की अनदेखी कर रही है। यह अनुचित है।’
-एजेंसी
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