Hathras, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश में हाथरस के गांव पबलोई में शांति देवी पत्नी चंद्रपाल की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों के कोरोना सैम्पल लेने पहुंची। टीम को देख ग्रामीण भयभीत हो गए। वे अपने परिवार साथ खेतों में जाकर छिप गए। कुछ तो अपने पशुओं को भी ले गए। उन्हें भय था कि कहीं पशुओं को टीका न लगा दिया जाए।
कोरोना नमूने लेने पहुंची थी टीम
ग्रामीणों ने बताया कि शांति देवी की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब सैम्पल लेना शुरू किया तभी पूरे गांव में भगदड़ मच गई। अफवाह उड़ी कि कोरोना वैक्सीन से मृत्यु हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ 15 लोगों का कोरोना सैंपल ले सकी। काफी समझाने के बाद लोग खेतों से वापस न आए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के जाने के बाद लौट
गांव की बेबी ने बताया कि हमारी रिश्तेदारी में कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कई मौतें हो गई हैं, जिसके कारण कोरोना वैक्सीन के प्रति विश्वास घट गया है l इसी कारण स्वास्थ विभाग की टीम को देख महिला, पुरुष और बच्चे खेतों की तरफ निकल गए। मंजू देवी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोरोना के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। हम खेत में छिप गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम के जाने के बाद घर वापस आ गएl
जनता के मन में भ्रम और भ्रांतियां
एएनएम कुमारी सुंदरी ने बताया कि ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। कोरोना वैक्सीन को लेकर जनता के मन में भ्रम और भ्रांतियां हैंl गांव में रहने वाली आशा स्वास्थ्य कर्मी मीना देवी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से शांति देवी की मृत्यु के बाद स्वास्थ विभाग की टीम आई तो 1740 आबादी वाले गांव में अफवाह फैल गई। हम ग्रामीणों को समझा रहे हैं, भ्रम दूर कर रहे हैं।
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