आगरा। आयकर विभाग की जांच शाखा द्वारा विगत 31 अक्टूबर को सरसों के तेल के कारोबार से जुड़ी चार प्रमुख कंपनियों पर मारे गए छापे में करीब दो सौ करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ। साढ़े चार दिन चली कार्रवाई में करीब 15-16 करोड़ रुपये की नकदी और गोल्ड जब्त किया गया। विभाग द्वारा यह अब तक की सबसे बड़ा जब्तीकरण है। छापे में शामिल टीमों को कई फर्जी दस्तावेज भी मिले। उन्हें भी जब्त कर लिया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कंपनियों पर कर अपवंचना की आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि आयकर विभाग की जांच शाखा द्वारा विगत 31 अक्टूबर की सुबह शारदा ऑयल कम्पनी, एसके इंडस्ट्रीज, बीपी ऑयल मिल और हरिशंकर एंड कंपनी के प्रतिष्ठानों, गोदामों और आवासीय परिसरों पर एक साथ छापा मारा गया था। जांच शाखा के संयुक्त निदेशक अमरजोत सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को सहायक निदेशक आशिमा महाजन के नेतृत्व में वृहद टीम ने अंजाम दिया। चारों कम्पनियों के आगरा के अलावा गुड़गांव, दिल्ली, कोलकाता और मध्य प्रदेश स्थित परिसरों को भी खंगाला गया। छापे की कार्रवाई आज शनिवार की सुबह पूरी हुई। करीब साढ़े चार दिन तक अनवरत चली कार्रवाई में तीस परिसरों पर तीन सौ लोगों ने जांच में भाग लिया और रिकार्ड नकदी व गोल्ड जब्त करने में सफलता हासिल की। करीब दस से बारह करोड़ रुपये की नकदी और लगभग पांच करोड़ का गोल्ड जब्त किया गया।
पंजीकरण प्रमाणपत्र में होता है फर्जीकरण!
इन कंपनियों का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। ये तेल कंपनियां आढ़तियों या दलालों के माध्यम से सरसों की खरीद करती हैं। इसके लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रिया बेहद आसान है। तेल कंपनियां इसी प्रक्रिया में फर्जी कार्यों में लिप्त हो जाती हैं। बोगस कागजात के आधार पर करोड़ों का लेन-देन दिखाकर टैक्स की चोरी की जाती है। छापों के दौरान इन कंपनियों भी यही ट्रेंड देखने को मिला।
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