आगरा। नकली दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में आगरा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस काले कारोबार का कथित सरगना और मीनाक्षी फार्मा का मालिक एके राणा आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। सोमवार को आगरा पुलिस ने बी-वारंट के जरिए उसे पुदुचेरी से आगरा लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पूरा मामला अगस्त माह का है, जब एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर नकली दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया था कि नामी कंपनियों के ब्रांड नामों का दुरुपयोग कर नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं और उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद आगरा में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, तभी से एके राणा फरार चल रहा था।
कुछ दिन पूर्व पुदुचेरी में हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस ने एके राणा को गिरफ्तार किया था। इस छापेमारी में करोड़ों रुपये की नकली दवाएं बरामद हुईं, जबकि अवैध रूप से संचालित पैकेजिंग यूनिट को भी सील कर दिया गया। आगरा पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही एक टीम बी-वारंट लेकर पुदुचेरी रवाना हुई। हालांकि कानूनी प्रक्रियाओं के चलते आरोपी को वहां से जमानत मिल गई थी।
इसके बावजूद आगरा पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखते हुए दोबारा पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई और पुदुचेरी में ही एके राणा को पुनः गिरफ्तार कर सोमवार को आगरा लाया गया। यहां उससे गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एके राणा से पूछताछ के दौरान नकली दवाओं की सप्लाई चेन, उसके सहयोगियों और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। साथ ही इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ड्रग विभाग के अधिकारी भी जेल में जाकर आरोपी से पूछताछ करेंगे।
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