मजहब से ऊपर आस्था: भोलेनाथ ने सुनी मेरी पुकार… बुर्के में युवती की कांवड़ यात्रा सोशल मीडिया पर वायरल

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संभल: मजहब की दीवारों को पार कर श्रद्धा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। संभल के बदनपुर बसेई गांव की रहने वाली तमन्ना इन दिनों कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। तमन्ना ने तीन साल पहले भगवान शिव से अपनी शादी के लिए मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने पर अब वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर पदयात्रा कर रही हैं।

दुआ कबूल हुई, तो निभाया वादा

तमन्ना बताती हैं कि वह अमन त्यागी से प्रेम करती थीं और चाहती थीं कि उनका विवाह उन्हीं से हो। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी शादी अमन से हो गई, तो वह कांवड़ चढ़ाएंगी। परिवार की सहमति से शादी हुई और आज उनके दो बेटे भी हैं। अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए तमन्ना 10 फरवरी को हरिद्वार पहुँचीं और वहां से कांवड़ उठाई।

​बुर्के में कांवड़ लेकर संभल की ओर कदम

कांवड़ यात्रा के दौरान जब तमन्ना बुर्के में कंधे पर कांवड़ लेकर निकलीं, तो यह नजारा देख हर कोई ठहर गया। वह संभल के प्रसिद्ध क्षेमनाथ तीर्थ में जलाभिषेक कर अपनी मन्नत पूरी करेंगी।

तमन्ना का कहना है, मेरे लिए नीयत और विश्वास सबसे ऊपर है। भगवान एक ही हैं और भोलेनाथ ने मेरी पुकार सुनी, इसलिए मैं अपना वादा निभा रही हूँ।

परिवार और निजी जीवन

तमन्ना बताती हैं कि शादी के बाद उनका पारिवारिक जीवन सुखद है। उनके दो बेटे हैं और वह अपने परिवार को खुशहाल मानती हैं। उनके अनुसार यह सब ईश्वर की कृपा है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

तमन्ना की यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत आस्था का विषय मान रहे हैं। तमन्ना का कहना है कि उन्होंने जो वादा किया था, उसे निभाना उनका कर्तव्य था।

संभल से हरिद्वार और फिर जल लेकर लौटती इस यात्रा ने इलाके में आस्था और विश्वास पर नई चर्चा छेड़ दी है। संभल में उनकी कहानी लोगों के बीच खास दिलचस्पी का विषय बनी हुई है। उनकी इस यात्रा को लोग ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की जीती-जागती मिसाल बता रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh