मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी का अस्तित्व अब परत दर परत सामने आ रहा है। पहली मंजिल के बाद अब दूसरी मंजिल के कुएं का आधा गेट दिखने लगा है। उसमें से कुछ गैस भी निकल रही है, जिसमें बदबू भी आ रही है। हालांकि, मजदूरों ने बताया कि गैस से कोई असर नहीं है। वहीं, दूसरी ओर से भी कुएं की तलाश में करीब 19 फीट तक खोदाई की जा चुकी है।
चंदौसी में बावड़ी की तलाश में 21 दिसंबर को शुरू हुआ खोदाई का कार्य मंगलवार को 11वें भी जारी रही। नगरपालिका परिषद की सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रियंका सिंह के नेतृत्व में टीम और कोक लाइन जेसीबी के साथ बावड़ी स्थल पर पहुंचीं। मजदूरों की एक टीम कुएं की तलाश में खोदाई को लगाई गई तो एक टीम बावड़ी में उतर रही सीढियों के पास गलियारे और गलियारों के बीच मिट्टी खोदाई में लगाई गई। शाम पांच बजे तक कुएं की तलाश में 19 फीट तक की खोदाई की गई।
सेनेटरी इंस्पेक्टर ने बताया कि गलियारों के बीच खोदाई के दौरान दूसरी मंजिल से कुएं की ओर जा रहा आधा गेट दिखाई देने लगा है। वहां से कुछ गैस भी निकल रही है। जिसमें से बदबू आ रही है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कुएं इसी स्थान पर है। इसके अलावा कोक लाइन जेसीबी से बावड़ी की ऊपरी सतह से मलबा हटाने का कार्य किया गया।
शंखनाद के बाद पुलिस का पहरा हुआ सख्त
बावड़ी और बाकेबिहारी मंदिर में युवक द्वारा चंखनाद किए जाने के बाद पुलिस ने बायड़ी पर पहरा सख्त कर दिया है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बावड़ी होने की वजह से माहौल बिगड़ने न पाए। इसको लेकर मंगलवार को बावड़ी के दूसरी ओर की सड़क पर भी बांस लगा कर बैरिकेडिंग कर दी गई। इतना ही नहीं गली के मुख्य द्वार पर भी पुलिस मुस्तैद कर दी गई। पुलिस बावड़ी देखने आने वाले लोगों को वापस लौटाती रही।
गनेशपुर मनोकामना मंदिर कुंड के जीर्णोद्धार और पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण की मांग
चंदौसी नगर से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव गनेशपुर में स्थापित प्राचीन मनोकामना तीर्थ कुंड के पुननिर्माण और पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण की मांग की गई है। सनातन सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कौशल किशोर वंदेमातरम् ने इस संबंध में डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम नीतू रानी को सौंपा है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत मोहम्मदनगर कस्बा के मझरा गनेशपुर में 1884 में बना मनोकामना मंदिर और एक विशाल कुंड है। कुंड के चारों ओर सीढियां हैं। इसके बाद बरामदा और कमरे बने हैं। गंगा मइया का मंदिर भी है। कुंड में 32 गोले बने हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, 35 साल पहले इन 32 गोले से कुंड में पानी आता था। जलस्तर गिरने से पानी आना बंद हो गया। उधर, देखरेख के अभाव में कुंड जर्जर होता जा रहा है। इसके अलावा यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तीन दिवसीय मेला भी लगता है। सनातन सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कौशल किशोर ने डीएम को भेजे ज्ञापन में प्राचीन धरोहर का निरीक्षण करके पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण की मांग की है।
साभार सहित
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