भारत में कई तरह की बीमारियों के लिए अब भी लोग अंधविश्वास में फंस कर झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं. कई बार ये जानलेवा हो सकता है. जिन बीमारियों को लेकर लोग झाड़-फूंक या अंधविश्वास में पड़े रहते हैं उनमें से ऐसी ही एक बीमारी है मिर्गी. मिर्गी (Epilepsy) को लेकर कई तरह के मिथक भी हैं. कई लोगों को लगता है कि मिर्गी (Epilepsy) का इलाज नहीं हो सकता. जबकि ऐसा नहीं है. न्यूरोलॉजी स्पेशलिस्ट बताते हैं कि मिर्गी का इलाज संभव है. इसे दवाइयों से ठीक किया जा सकता है.
मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है. जिसमें रोगी को बार-बार दौरे पड़ते हैं. मिर्गी को लेकर समाज मे अभी भी कई तरह की भ्रांतियां हैं. लोग इसे भूत-प्रेत का साया मानते हैं. इसके लिए वो झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं. जो जानलेवा है. इसका इलाज संभव है. डॉक्टर की सलाह से दवा लेने इसे खत्म किया जा सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि अलग-अलग केस में मरीज के ठीक होने अवधि भी अलग होती है. मिर्गी के मरीजों को बार-बार दौरे आते हैं. आइए आपको बताते हैं मिर्गी के प्रमुख लक्षण. अगर आपको जानकारी में किसी को भी ये लक्षण दिखें तो तुरंत उन्हें डॉक्टर से संपर्क करवाना चाहिए-
1.बार-बार दौरे (चक्कर) आना: मिर्गी से पीड़ित मरीजों को बार-बार दौरे आते हैं. उन्हें अचानक कभी भी, कहीं भी चक्कर आ सकता है.
2.अचानक गुस्सा होना: सामान्यतः मिर्गी के मरीजों को गुस्सा बहुत अधिक आता है. वो अचानक ही किसी बात पर गुस्सा हो जाते हैं.
3.शरीर मे झुनझुनी: मिर्गी से पीड़ित मरीजों के शरीर में झुनझुनी बनी रहती है.
4.मुंह से झाग निकलना: मिर्गी के दौरे आने पर कई बार मुंह से झाग निकलने लगता है. अगर किसी को चक्कर आने पर मुंह से झाग निकलता है तो वो मिर्गी का शिकार हो सकता है.
उपरोक्त लक्षणों के अलावा मिर्गी के अन्य लक्षण भी हो सकते हैं. डॉक्टर अभिषेक श्रीधर के अनुसार हमारे रोजाना के क्रियाकलापों में कई ऐसे कारक हैं जो मिर्गी के खतरे को बढ़ा सकते हैं. आइए आपको बताते हैं मिर्गी के खतरे को बढ़ाने वाले कारक
1.ड्रग्स
2.तनाव
3.तेज बुखार
4.दवाओं के साइड इफेक्ट्स
5.चमकदार या तेज रोशनी
6.नींद की कमी
7.भोजन नहीं करना / लंबे समय तक व्रत रखना
8.अत्यधिक कैफीन का सेवन
9.अत्यधिक शराब का सेवन
10.ब्लड शुगर बहुत कम होना
अगर किसी को भी मिर्गी की बीमारी है तो उन्हें उपरोक्त बातों का ध्यान रखना चाहिए. मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति को अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए. साथ ही किसी तरह के अंधविश्वास में बिना पड़े डॉक्टर की सलाह पर दवा शुरू करनी चाहिए.
- हल्द्वानी में शुद्धिकरण हवन पर सियासी विवाद गहराया: रैली के बाद मैदान साफ करने वाले युवक ने राहुल गांधी के खिलाफ कोतवाली में दी तहरीर, मुकदमा दर्ज करने की मांग - August 30, 2026
- लखनऊ में हिंदु युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या, दुबग्गा में नहर के पास मिला शव - August 30, 2026
- Agra News: राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी और शिक्षिका का दर्द; पति पर होटल में बुलाकर चाकू से वार करने और जलती सिगरेट से दागने का गंभीर आरोप - August 30, 2026