आगरा। गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का निजी स्कूलों में पढ़ाई का सपना अब साकार होगा। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी/प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिलाने के लिए जनपद में ऑनलाइन आवेदन एवं लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में आरटीई एक्ट-2009 की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रवेश प्रक्रिया की समय-सारणी तय करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई निजी/प्राइवेट स्कूल आवंटित बच्चे को एडमिशन देने से मना करता है, तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तीन चरणों में होंगे आवेदन
बैठक में बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में संचालित की जाएगी—
प्रथम चरण:
आवेदन: 02 फरवरी से 16 फरवरी 2026
सत्यापन की अंतिम तिथि: 16 फरवरी 2026
लॉटरी: 18 फरवरी 2026
द्वितीय चरण:
आवेदन: 21 फरवरी से 07 मार्च 2026
सत्यापन की अंतिम तिथि: 07 मार्च 2026
लॉटरी: 09 मार्च 2026
तृतीय चरण:
आवेदन: 12 मार्च से 25 मार्च 2026
सत्यापन की अंतिम तिथि: 25 मार्च 2026
लॉटरी: 27 मार्च 2026
हेल्प डेस्क और नोडल अधिकारी होंगे तैनात
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी तथा प्रत्येक विकास खंड में नामांकन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। लॉटरी के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों को आवंटन के अनुसार नामांकन आदेश जारी किए जाएंगे।
इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिले के सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं की कुल सीटों के कम से कम 25 प्रतिशत के आधार पर शत-प्रतिशत मैपिंग और रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
फर्जी दस्तावेजों पर भी होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि कोई अभिभावक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश कराने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों को बच्चे का विवरण आरटीई ऑनलाइन पोर्टल और यूडाइस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
अतिरिक्त शुल्क और अनावश्यक बोझ पर रोक के निर्देश
जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक शुल्क वसूली, हर वर्ष ड्रेस बदलने, अनावश्यक ब्रांडिंग सामग्री का बोझ बच्चों व अभिभावकों पर डालने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अधिकारियों को सतत निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत पात्र बच्चों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन: पीएम मोदी बोले— “ये परिसर महाराजाओं की नहीं, 140 करोड़ भारतीयों की सोच का आधार हैं” - February 13, 2026
- ‘सेवा तीर्थ’ नामकरण पर संजय सिंह का तीखा प्रहार— अगली बार लोग नारियल और अगरबत्ती लेकर आएंगे… - February 13, 2026
- विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने सदन में उठाई आगरा की मांग— ‘यमुना पर बैराज और शहर में चाहिए इंटरनेशनल स्टेडियम’ - February 13, 2026