बीजिंग। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन पहुंचे। उन्होंने कहा कि रूस और चीन ने ब्रिक्स देशों के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एकजुट है। माना जा रहा है कि पुतिन ने चीन से अमेरिका को सीधा संदेश दिया है कि भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ वे एकजुट हैं। पुतिन ने यह बातें चीनी मीडिया से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि रूस और चीन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने में जुटे हैं।
पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग ब्रिक्स सदस्यों और वैश्विक स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ साझा रुख अपनाते हैं। पुतिन ने कहा कि रूस और चीन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक में सुधार का समर्थन करते हैं।
पुतिन ने यह टिप्पणी तब की, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दे रहे हैं। ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया, मिस्र, अर्जेंटीना और संयुक्त अरब अमीरात इसके नए सदस्य हैं।
पुतिन ने उम्मीद जाहिर की कि तियानजिन में होने वाला एससीओ शिखर सम्मेलन 10-सदस्यीय संगठन को नई गति देगा, समकालीन चुनौतियों और खतरों का सामना करने की इसकी क्षमता को मजबूत करेगा, तथा यूरेशियाई क्षेत्र में एकजुटता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिक न्यायसंगत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में मदद मिलेगी।
-एजेंसी
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