आगरा।।उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की समीक्षा बैठक रविवार को नवीन सर्किट हाउस सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति किरण पाल कश्यप ने की। बैठक में आगरा एवं मैनपुरी जनपदों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित पत्रों पर की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी आगरा अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा सभापति महोदय एवं समिति सदस्यों का पुष्पगुच्छ, मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया गया।
सभापति श्री किरण पाल कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर तत्काल एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्य कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को उन्होंने अक्षम्य बताया।
समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 से 2025 के बीच जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों की आख्या तलब की गई। समिति को अवगत कराया गया कि सत्ता व विपक्ष के सदस्यों को सम्मिलित कर गठित यह अध्ययन समिति विधायिका और कार्यपालिका के बीच सेतु का कार्य करती है। बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि संबंधित जनप्रतिनिधि का पत्र किस तिथि को प्राप्त हुआ, उस पर क्या कार्यवाही की गई और किस तिथि को उन्हें अवगत कराया गया।
बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर समिति ने नाराजगी जताई। अधिशासी अभियंता (पीडब्ल्यूडी) मैनपुरी, डीएफओ मैनपुरी एवं जिला पूर्ति अधिकारी मैनपुरी, साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक आगरा तथा अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण आगरा के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण देने एवं 10 दिन के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सभापति ने निर्देश दिए कि सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और समयबद्ध ढंग से लिखित जवाब भेजा जाए। उन्होंने विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि के समुचित एवं समयबद्ध उपयोग, गोशालाओं की स्थिति की समीक्षा कर निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया।
इसके अतिरिक्त, अंत्योदय राशन कार्ड केवल पात्र व्यक्तियों को ही वितरित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने तथा पंचायत राज, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, पुलिस, पर्यावरण, लोक निर्माण, डूडा, भूतत्व एवं खनिजकर्म, सहकारिता, समाज कल्याण, आयुष सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विभाग में जनप्रतिनिधियों के पत्र, शिकायत एवं सिफारिशों का पृथक रजिस्टर तैयार किया जाए तथा शिलापट्टिकाओं पर जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित कराए जाएं।
जिलाधिकारी आगरा ने समिति को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारीगण, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित आगरा एवं मैनपुरी के संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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