रायबरेली। रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर परिस्थिति में संघर्ष करते रहना है और डरने की जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार धर्म का आडंबर ओढ़कर काम कर रही है, जिसे जनता के सामने बेनकाब करना जरूरी है।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेकर गरीबों के अधिकारों और सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर उनका अपमान किया गया है, लेकिन असली मुद्दा नाम बदलने का नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गरीबों को जो सुरक्षा और सहारा मनरेगा के माध्यम से मिलता था, उसे मोदी सरकार खत्म कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देशभर में मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस जनता की सुरक्षा के लिए लड़ रही है, जबकि दूसरी तरफ मोदी सरकार देश की संपदा को कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में सौंपने में जुटी है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मनरेगा की मूल सोच पंचायतों को जिम्मेदारी और वित्तीय अधिकार देने की थी, ताकि गांव स्तर पर विकास और रोजगार की व्यवस्था मजबूत हो सके। साथ ही यह भी लक्ष्य था कि देश के गरीब श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित हो, जिससे किसी को तय मानक से कम भुगतान न मिले।
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार यह नहीं चाहती और वह सत्ता को केंद्रित कर नौकरशाही के जरिए नियंत्रण बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे गरीबों की सुरक्षा कमजोर हुई है और उनकी सामाजिक-आर्थिक मजबूती पर चोट पहुंच रही है।
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को आगे लाकर पार्टी को नई ऊर्जा दी जा सकती है। इससे यह संकेत भी माना जा रहा है कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों में युवा चेहरों को अधिक अवसर दे सकती है।
- डॉ. चिन्मय पंड्या का आह्वान: राष्ट्र निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना जरूरी - October 13, 2026
- आगरा नगर निगम में ई-टेंडर घोटाले की सुगबुगाहट: 100 से 200 करोड़ रुपये की अनियमितता की आशंका, एसआईटी जांच की मांग - October 13, 2026
- यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 का विस्तृत कार्यक्रम घोषित: 5 फरवरी से शुरू होंगी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं - October 12, 2026