कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर इस्लामिक कट्टरपंथियों के आगे झुकने और मानव सेवा में लगे संतों को बदनाम करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के बिष्णुपुर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार सौमित्र खान के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते तृणमूल कांग्रेस रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ और इस्कॉन जैसे संस्थानों को बदनाम कर रही है।
उन्होंने कहा, इस मंच से, मैं सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर इस्लामी कट्टरपंथियों के आगे झुकने और मानव सेवा में लगे प्रतिष्ठित संस्थानों के संतों को बदनाम करने का आरोप लगा रहा हूं। तृणमूल कांग्रेस भी राम मंदिर को बदनाम कर रही है, पश्चिम बंगाल की जनता इसे कब तक बर्दाश्त करेगी? प्रधानमंत्री ने कहा, अब समय आ गया है कि आप अपने वोटों से तृणमूल कांग्रेस को करारा जवाब दें।
पीएम ने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दल एक मुद्दे पर एकमत हैं। ये दल लोगों को गरीब बनाए रखना चाहते हैं।
पीएम मोदी ने कहा,“कांग्रेस, तृणमूल और वामपंथी दल अलग-अलग राजनीतिक इकाइयां हैं। लेकिन इनके कर्म एक समान हैं। इसलिए ये एकजुट हुए हैं। ये लोगों को गरीब बनाए रखना चाहते हैं। इसलिए जहां भी वे सत्ता में आते हैं, वहां की अर्थव्यवस्था खराब हो जाती है। इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे अच्छा उदाहरण है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दल और कांग्रेस ने हर समय शरणार्थियों की उपेक्षा की, उनकी चिंता नहीं की, लेकिन अब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा,“300 शरणार्थी परिवारों को नागरिकता मिल चुकी है। सीएए से पश्चिम बंगाल में शरणार्थी परिवारों को भी नागरिकता मिलेगी।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं द्वारा लूटा गया पैसा राज्य के लोगों को लौटाया जाएगा।
Compiled by up18news
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