पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा की जांच CBI करेगी। कलकत्ता हाई कोर्ट CBI जांच की मॉनीटरिंग करेगा। हाई कोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ कथित अपराध और भूमि पर कब्जे के मामलों की जांच के लिए सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने यह आदेश संदेशखाली में जमीन कब्जाने और यौन हिंसा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद दिया है।
पिछली सुनवाई में कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने पश्चिम बंगाल सरकार को उसके रवैए पर कड़ी फटकार लगाई थी। टीएमसी से निष्कासित नेता शाहजहां शेख पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और भूमि कब्जाने के गंभीर आरोप हैं।
संदेशखाली में ईडी की टीम पर हमले के बाद सामने आया था। शाहजहां शेख के लोगों ने वहां पर मछली पालन के लिए कृषि भूमि को अवैध रूप से बदला और इसके साथ ही स्थानीय लोगों की जमीन पर कब्जे भी किए। इस दौरान शेख और उसके साथियों ने महिलाओं का यौन उत्पीड़न भी किया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और केंद्रीय एजेंसियों के दौरे में महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
हाई कोर्ट ने लगाई थी फटकार
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि महिलाओं के हलफनामें में अगर एक फीसदी भी सच है, तो यह शर्मनाक है। संदेशखाली में पहले ईडी पर हमले और फिर टीएमसी के ताकतवर नेता रहे शाहजहां शेख के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद बंगाल पुलिस ने 52 दिनों बाद शाहजहां शेख को अरेस्ट किया था। पहले राज्य सरकार ने सभी मामलों की जांच सीआईडी को सौंपी थी। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच सीबीआई को ट्रांसफर होगी।
शाहजहां शेख को पिछले दिनों ईडी ने बंगाल के राशन घोटाले के सिलसिले में बशीरहाट उप जेल में पूछताछ के बाद अरेस्ट किया था। शेख अभी ईडी की कस्टडी में हैं। बीच में उसे सीबीआई ने भी अपनी गिरफ्त में लिया था।
-एजेंसी
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