विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थानों पर उठते सवाल

प्रियंका सौरभ भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा को पारंपरिक रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण संसाधनों की कमी, पुराना पाठ्यक्रम और रटने और याद करने पर जोर के कारण व्यावहारिक शिक्षण अवसरों तक सीमित पहुंच शामिल है। भारत के पास चुनौतियों का अपना सेट है, उनमें से सबसे बड़ी भारतीय […]

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क्यों कुछ खास है आगरा: इतिहास, संस्कृति और औद्योगिक विकास का संगम

बृज खंडेलवाल नहीं जानते लोग आगरा का गौरवशाली इतिहास, इसीलिए फैली है नकारात्मकता, इंग्लैंड के तमाम छोटे कस्बों में भी लोकल इतिहास बच्चों को पढ़ाया जाता है, लेकिन हमारे यहां सिर्फ नेगेटिविटी से दूषित किया जाता है लोगों का दिमाग। अब गर्व से कहो आगरा के हो आगरा, भारत के सबसे ऐतिहासिक शहरों में से […]

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आखिर ईवीएम पर यह याचिका क्यों दाखिल की गई?

मुख्य मुद्दा तो है मोदी को हटाना। प्रधानमंत्री मोदी ने सारे इन्स्टिट्यूशन पर ऐसा कब्जा कर लिया है कि सिवाए विपक्ष के कोई आवाज बची ही नहीं है। और विपक्ष जिसमें कांग्रेस बड़ी पार्टी है उसके सबसे बड़े नेता राहुल गांधी का यह कहना सही है कि हमारा माइक ही बंद कर दिया जाता है। […]

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‘सीखते हुए कमाएं’ योजना को मज़बूत और सार्थक बनाने की ज़रूरत है

प्रियंका सौरभ सार्थक व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए ‘सीखते हुए कमाएँ’ योजना को मज़बूत करना अनिवार्य है। यह दृष्टिकोण सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव को एकीकृत करता है, जिससे रोजगार क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त समर्थन, उद्योग सहयोग और नीति समायोजन इसकी प्रभावशीलता को बढ़ा सकते हैं, शिक्षा को वास्तविक दुनिया की माँगों […]

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गांव भले न शहर: लाभ और लालच के चंगुल में फंसी शहरी नियोजन व्यवस्था

बृज खंडेलवाल ज्यादातर भारतीय शहरों का विकास निर्वाचित निगम के पार्षदों से छीनकर चंद नौकरशाहों द्वारा कब्जाए विकास प्राधिकरणों को सौंपने की भूल का परिणाम आज सर्वत्र दिखने लगा है। स्मार्ट सिटी मिशन की बहुप्रचारित सफलता के बावजूद, सुपरफास्ट शहरीकरण के हमले का सामना कर रहे ज्यादातर भारतीय शहर पतन के कगार पर हैं। आगरा, […]

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यमलोक के गलियारे: यूपी के दो एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव

भूत चुड़ैलों का साया है, वास्तु दोष है, डिजाइन फॉल्ट है, या भटकती आत्माएं शांति और मुक्ति के लिए कुछ धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन के इंतेज़ार में हैं, कौन देगा इन प्रश्नों का उत्तर, कितनी और जानें कुर्बान होनी हैं, कितने परिवार उजड़ने हैं?  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ […]

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Agra-Lucknow-Expressway

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 5 डॉक्टरों की दुखद मृत्यु, ऐसी दुर्घटनाओं को कैसे रोका जाए, बता रहे हैं केसी जैन एडवोकेट

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुई दुखद दुर्घटना, जिसमें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश के पांच युवा डॉक्टरों की जान चली गई, ने हम सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि हमारे सड़क सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों का कड़वा सच उजागर करती है। लेकिन सवाल यह है कि इसके […]

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आज भी जीवित हैं मेरे पिता, डॉ आलोक कुमार से जानिए कैसे

 मेरे पिता शीलेन्द्र पाल शर्मा, निवासी निहाल निकेतन, अशोक नगर, आगरा ने अपनी मृत्यु से दस वर्ष पूर्व वर्ष 2013 में, जब वे पूर्णतः स्वस्थ थे, उन्होंने एक दिन मुझसे अपने व माता जी के देहदान संबंधी वसीयत नामे पर हस्ताक्षर करने को कहा। चूंकि देहदान हिंदुओं में एक असमान्य प्रक्रिया हैं, झिझकते हुए पर […]

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सोशल मीडिया पर अफसरी होना कितना जायज़?

(सिविल सेवाओं में सोशल मीडिया आचरण, डिजिटल युग में प्रशासनिक अनुशासन और सिविल सेवकों के व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाना बेहद ज़रूरी।) प्रियंका सौरभ हाल ही में केरल के आईएएस अधिकारियों के निलंबन ने सिविल सेवकों के बीच सोशल मीडिया आचरण की चुनौतियों को उजागर किया है। अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 (एआईएस […]

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मथुरा में यमुना के किनारों को हरा-भरा बनाना है व्यवसाई प्रदीप बंसल के हरित अभियान का लक्ष्य

भारत में नदियों को हमेशा ही जीवनदायिनी माना गया है, और यमुना नदी का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। हालांकि, दशकों से प्रदूषण, अतिक्रमण और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं के कारण यमुना की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। लेकिन मथुरा के एक व्यवसायी प्रदीप बंसल के नेतृत्व में यमुना मिशन ने यमुना नदी और […]

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