आज भी जीवित हैं मेरे पिता, डॉ आलोक कुमार से जानिए कैसे

 मेरे पिता शीलेन्द्र पाल शर्मा, निवासी निहाल निकेतन, अशोक नगर, आगरा ने अपनी मृत्यु से दस वर्ष पूर्व वर्ष 2013 में, जब वे पूर्णतः स्वस्थ थे, उन्होंने एक दिन मुझसे अपने व माता जी के देहदान संबंधी वसीयत नामे पर हस्ताक्षर करने को कहा। चूंकि देहदान हिंदुओं में एक असमान्य प्रक्रिया हैं, झिझकते हुए पर […]

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सोशल मीडिया पर अफसरी होना कितना जायज़?

(सिविल सेवाओं में सोशल मीडिया आचरण, डिजिटल युग में प्रशासनिक अनुशासन और सिविल सेवकों के व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाना बेहद ज़रूरी।) प्रियंका सौरभ हाल ही में केरल के आईएएस अधिकारियों के निलंबन ने सिविल सेवकों के बीच सोशल मीडिया आचरण की चुनौतियों को उजागर किया है। अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 (एआईएस […]

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मथुरा में यमुना के किनारों को हरा-भरा बनाना है व्यवसाई प्रदीप बंसल के हरित अभियान का लक्ष्य

भारत में नदियों को हमेशा ही जीवनदायिनी माना गया है, और यमुना नदी का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। हालांकि, दशकों से प्रदूषण, अतिक्रमण और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं के कारण यमुना की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। लेकिन मथुरा के एक व्यवसायी प्रदीप बंसल के नेतृत्व में यमुना मिशन ने यमुना नदी और […]

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युवा शक्ति के प्रतीक एवं प्रेरणा-स्रोत आईपीएस मनुमुक्त ‘मानव’, जिन्हें एक दशक बाद भी भुला पाना संभव नहीं

प्रियंका सौरभ मनुमुक्त के पिता डॉ. रामनिवास ‘मानव’ भरे मन से बताते हैं कि अधिकारियों की आपराधिक लापरवाही और मनुमुक्त की मृत्यु के षड्यंत्र में शामिल उनके बैचमेट अफसरों की संलिप्तता के दस्तावेजी सबूतों के बावजूद, उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई, बल्कि तेलंगाना पुलिस और सीबीआई ने इसे सामान्य घटना बताकर मामले को रफा-दफा […]

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नई परम्परा: थोड़ा हमें दान कर दोगे तो क्या जाता है तुहारा…

प्रियंका सौरभ विजय के पिता जी का स्वर्गवास हो गया था। उनके खानदान में परपरा थी कि स्वर्गवासी के फूलों (अस्थियों ) को गंगा जी में विसर्जित किया जाता था। वह अपने पिता की आत्मिक शांति के लिए हरिद्वार चल पड़ा। जैसे ही उसने हरिद्वार की भूमि पर कदम […]

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न कटेंगे न बटेंगे, यदि सिर्फ भारतीय रहेंगे

‘बटेंगे तो कटेंगे’ इस सियासी नारे ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद महाराष्ट्र और झारखण्ड के चुनावी माहौल में भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। साथ में पीएम मोदी का समर्थक नारा ‘एक हैं तो सेफ हैं’ ने भी भारतीय राजनीति में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिसे राहुल गांधी अपने चिरपरिचित अंदाज में […]

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जन्मदिन दिवस विशेष: इंदिरा जी जैसा महान विलक्षण व असाधारण नेता सदियों बाद पैदा होता है

इंदिरा जी जैसा महान विलक्षण व असाधारण नेता शादियों बाद पैदा होता है। 19 नवंबर 1917 को विश्व स्तर के प्रतिष्ठित नेहरू परिवार में इलाहाबाद अब प्रयागराज के वैभवशाली आनंद भवन में एक बहुत ही सुंदर बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची के दादा एवं देश के वरिष्ठ बैरिस्टर पंडित मोतीलाल नेहरू ने इस सुंदर बच्ची […]

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आजकल की शादियाँ दिखावा: रिश्तों की मिठास पर हावी बॉलीवुड की नकल …

देव उठने के साथ ही शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। इस सीजन में जीवन की नई शुरुआत करने वाले नव दंपतियों को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ…। आने वाले कुछ महीनों तक शहनाइयों की गूंज और शादियों की चमक-दमक बनी रहेगी। आप में से भी ऐसे कई लोग होंगे, जिनके घर शादी […]

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असभ्यता को क्रूरता से निर्ममता होते हुए बर्बरता को श्रेष्ठता बताने की हद तक….

देश और दुनिया में जो अघट घट रहा है, उसे एक आयामी रूप में, मतलब जैसा है सिर्फ वैसा, जितना दिखाया जा रहा है सिर्फ उतना देखने से, न कुछ समझा जा सकता है, ना ही बूझा जा सकता है और बिना समझे-बूझे किसी विकार के नकार या प्रतिकार की कोई उम्मीद करना वास्तविकता में […]

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जन्मदिवस विशेष: पंडित नेहरू से विज्ञान का नाता

कल्पना पांडे इतने सालों बाद हमे शर्म से ये स्वीकार कर लेना चाहिए कि धार्मिक आडंबरों, पाखंड और अंधविश्वास फैलाने वाले और दकियानूसी सोच के सभी धर्मों के धर्मगुरुओं के बढ़ते प्रभाव और वोटों के लिए उन्हे मिलते राजनीतिक संरक्षण के इस दौर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की नेहरूवादी समझ और भारतीय संदर्भ में इसके वास्तविक […]

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