इतिहास के पन्नों से: जब नेताजी को भारत को सौंप रहा था रूस ?

लाल बहादुर शास्त्री हमारे अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों में से अकेले एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें लोग आज भी सम्मान के साथ ‘ शास्त्री जी’ कहकर पुकारते हैं। उनका १८ महीने का संक्षिप्त सा कार्यकाल लोगों को हृदय से प्रभावित कर गया था। युद्ध के क्षेत्र में उन्होंने जिस प्रकार देश का नेतृत्व किया […]

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दिल्ली की नई मुख्यमंत्री : चुनौतियों का सफर

प्रधानमंत्री श्री मोदी अपनी अलग कार्य शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने श्रीमती रेखा गुप्ता को दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने के अपने निर्णय को भी अंतिम क्षणों तक गोपनीय रखा। मीडिया के लोग कई लोगों के नामों को लेकर अनुमान लगाते रहे , परंतु हरबार की भांति इस बार भी प्रधानमंत्री […]

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चुनौती है बढ़ता तापमान, बदलता वायुमंडलीय पैटर्न

वैश्विक समुद्री बर्फ में खतरनाक गिरावट को रोकने के लिए जलवायु कार्यवाही निर्णायक होनी चाहिए। अनुकूली नीतियों और बेहतर ध्रुवीय निगरानी से जलवायु लचीलापन बढ़ेगा। एक टिकाऊ भविष्य उत्सर्जन को कम करने और ग्रह के नाज़ुक क्रायोस्फीयर की रक्षा करने के लिए सभी के दृढ़ संकल्प पर निर्भर करता है। कई समुदायों में जलवायु परिवर्तन […]

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साफ होनी चाहिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर दिमागी गंदगी?

प्रियंका सौरभ कानूनी कार्रवाई का मतलब सिर्फ व्यक्तियों को दंडित करना नहीं है; इसका उद्देश्य एक मिसाल कायम करना है कि कुछ चीजें स्वीकार्य नहीं हैं, चाहे लोग उन्हें कितना भी हास्यपूर्ण बताने की कोशिश करें। यदि वे सचमुच समाज को बेहतर बनाने के बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि सांस्कृतिक […]

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भगदड़ से होने वाली मौतों का केंद्र बनता भारत?

प्रियंका सौरभ आपात स्थिति में, एकल कमांड संरचना के तहत त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को संयोजित करने से समन्वय में सुधार हो सकता है और प्रतिक्रिया समय में तेज़ी आ सकती है। रचनात्मक, तकनीक-संचालित रणनीति और गहन प्रशिक्षण के माध्यम से राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रोटोकॉल को बढ़ाने से भीड़ नियंत्रण में क्रांति आ सकती है। […]

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क्या जघन्य अपराधियों की न सुनी जाये पैरोल की अर्ज़ी?

कैदियों की समय से पहले रिहाई से समाज को ख़तरा हो सकता है, खासकर तब जब वे बार-बार अपराध करते हों। हाल के वर्षों में, इस विचार में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव आया है क्योंकि अमीर और शक्तिशाली वर्ग ने जेल में समय बिताने से बचने के लिए पैरोल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। […]

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भौतिकी में बड़ा उलटफेर! न्यूटन-आइंस्टीन के नियमों पर महाराष्ट्र के वैज्ञानिक की नई खोज

विज्ञान जगत में लंबे समय से कुछ मौलिक भौतिकी सिद्धांतों को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर चर्चा हो रही है। इसी दिशा में, महाराष्ट्र के युवा वैज्ञानिक किरण कल्याणकर ने न्यूटन के गति नियम और आइंस्टीन के प्रसिद्ध ऊर्जा–द्रव्यमान समीकरण (E=mc²) में महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तुत किए हैं। उनके दो शोध पत्र ResearchGate पर […]

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स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक मज़बूत और रचनात्मक विपक्ष आवश्यक है

प्रियंका सौरभ विपक्ष एक आवश्यक प्रहरी है जो एक समृद्ध लोकतंत्र में सरकार की शक्ति पर नियंत्रण और संतुलन सुनिश्चित करता है। यह विभिन्न दृष्टिकोणों को व्यक्त करने, समाज के विभिन्न पहलुओं का प्रतिनिधित्व करने तथा सरकार को उसके कार्यों के लिए जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक है। सहिष्णुता, वास्तविक राजनीतिक विरोध, तथा विवादों को […]

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यूपी बोर्ड परीक्षा: नकल का ठेका, शिक्षक की विवशता और प्रशासन की असहायता

यूपी बोर्ड परीक्षा देश की सबसे बड़ी माध्यमिक परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह परीक्षा शिक्षा की गुणवत्ता से अधिक नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार के कारण चर्चा में रही है। परीक्षा में नकल कराना अब एक संगठित उद्योग बन चुका है, जिसमें ठेके पर नकल कराई जाती […]

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चिट्ठी: जब काग़ज़ पर धड़कता हो दिल…. जब शब्द ले लेते हैं भावनाओं का आकार

बृजेश सिंह तोमर(वरिष्ठ पत्रकार एवं आध्यात्मिक चिंतक) चिठिया हो तो हर कोई बांचे…! पर हर चिट्ठी सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं होती, कुछ चिट्ठियाँ महसूस करने के लिए लिखी जाती हैं। कुछ शब्द आँखों से नहीं, दिल से पढ़े जाते हैं। जब किसी अपने का लिखा पत्र हाथों में आता है, तो उसमें सिर्फ़ स्याही […]

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