आज सुमित्रानंदन पंत के जन्‍मदिन पर पढ़िए उनकी दो कविताएं

आज सुमित्रानंदन पंत के जन्‍मदिन पर पढ़िए उनकी दो कविताएं

[ad_1] छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानंदन पंत का आज जन्‍मदिन है। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और रामकुमार वर्मा जैसे कवियों का युग कहा जाता है। उनका जन्म उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्‍थल कौसानी (बागेश्वर) में 20 मई सन् 1900 को हुआ था। 28 दिसम्बर […]

Continue Reading
पुण्‍यतिथि विशेष: प्रसिद्ध साहित्‍यकार हजारीप्रसाद द्विवेदी

पुण्‍यतिथि विशेष: प्रसिद्ध साहित्‍यकार हजारीप्रसाद द्विवेदी

[ad_1] 19 अगस्‍त 1907 को जन्‍मे हिन्दी के प्रसिद्ध निबन्धकार और उपन्यासकार हजारी प्रसाद द्विवेदी की आज पुण्‍यतिथि है। उनकी मृत्‍यु 19 मई 1979 को हुई। इनके पिता का नाम श्री अनमोल द्विवेदी और माता का नाम श्रीमती ज्योतिष्मती था। इनका परिवार ज्योतिष विद्या के लिए प्रसिद्ध था। इनके पिता पं. अनमोल द्विवेदी संस्कृत के […]

Continue Reading
संगीत की पसंद से व्यक्तित्व का सटीक अनुमान लगाना संभव

संगीत की पसंद से व्यक्तित्व का सटीक अनुमान लगाना संभव

[ad_1] आप किस तरह का संगीत सुनते हैं, यह काफी हद तक आपके व्यक्तित्व को बयां करता है। सरल और दिल को सुकून पहुंचाने वाला संगीत सुनने वालों के बहिर्मुखी व्यक्तित्व का मालिक होने की संभावना ज्यादा होती है जबकि ओपेरा पसंद करने वाले लोग ज्यादा कल्पनाशील होते हैं।वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया है कि […]

Continue Reading
जाने-माने गज़ल गायक पंकज उधास का जन्‍मदिन आज

जाने-माने गज़ल गायक पंकज उधास का जन्‍मदिन आज

[ad_1] संगीत जगत में पंकज उधास एक ऐसे गज़ल गायक हैं, जो अपनी गायकी से पिछले 4 दशक से श्रोताओ को मंत्रमुग्ध किए हुए हैं। पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के राजकोट के निकट जेटपुर में जमींदार गुजराती परिवार में हुआ। उनके बड़े भाई मनहर उधास जाने-माने पार्श्वगायक है। घर में […]

Continue Reading
जन्‍मदिन: समकालीन हिंदी कविता के प्रतिनिधि हस्ताक्षर थे डबराल

जन्‍मदिन: समकालीन हिंदी कविता के प्रतिनिधि हस्ताक्षर थे डबराल

[ad_1] प्रख्यात कवि मंगलेश डबराल का आज जन्‍मदिन है। मंगलेश डबराल का जन्म 16 मई 1948 को उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल अंतर्गत काफलपानी गाँव में हुआ था।मंगलेश डबराल शिक्षा-दीक्षा देहरादून में हुई। दिल्ली आकर हिन्दी पैट्रियट, प्रतिपक्ष और आसपास में काम करने के बाद वे भोपाल में मध्यप्रदेश कला परिषद्, भारत भवन से प्रकाशित साहित्यिक […]

Continue Reading
‘बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए’: ‘ठुमरी’ के पर्याय थे वाज‍िद अली

‘बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए’: ‘ठुमरी’ के पर्याय थे वाज‍िद अली

[ad_1] संगीत की विधा ‘ठुमरी’ के जन्मदाता के रूप में जाने जाने वाले अवध के नवाब वाज‍िद अली शाह ने ठुमरी के साथ एक और प्रयोग क‍िया, इस प्रयोग में ठुमरी को कत्थक नृत्य के साथ गाया जाता था। इन्होंने कई बेहतरीन ठुमरियां रचीं। कहा जाता है कि जब अंग्रेजों ने अवध पर कब्जा कर […]

Continue Reading
पुण्‍यतिथि: प्रसिद्ध साहित्यकार, नाटककार एवं लेखक जगदीश चंद्र माथुर

पुण्‍यतिथि: प्रसिद्ध साहित्यकार, नाटककार एवं लेखक जगदीश चंद्र माथुर

[ad_1] प्रसिद्ध साहित्यकार, नाटककार एवं लेखक जगदीश चंद्र माथुर की आज पुण्‍यतिथि है। 16 जुलाई 1917 को बुलंदशहर जनपद के खुर्जा में जन्‍मे जगदीशचंद्र माथुर की मृत्यु 14 मई 1978 को हुई थी।जगदीश चंद्र माथुर ने आकाशवाणी में काम करते हुए हिन्दी की लोकप्रियता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया। टेलीविज़न उन्हीं के जमाने में […]

Continue Reading
‘मालगुडी डेज’ के रचयिता आर के नारायण की पुण्‍यतिथि आज

‘मालगुडी डेज’ के रचयिता आर के नारायण की पुण्‍यतिथि आज

[ad_1] अंग्रेजी साहित्य के भारतीय लेखकों में जिन तीन सबसे महान उपन्यासकारों को गिना जाता है, उनमें मुल्कराज आनंद तथा राजा राव के साथ तीसरा नाम है आर के नारायण का।आर के नारायण की आज पुण्‍यतिथि है। 10 अक्टूबर 1906 को मद्रास में जन्‍मे आर के नारायण का पूरा नाम राशीपुरम कृष्ण स्वामीनारायण ‘अय्यर’ था। […]

Continue Reading
पुण्‍यतिथि: बिरहा गायक पद्मश्री हीरालाल यादव

पुण्‍यतिथि: बिरहा गायक पद्मश्री हीरालाल यादव

[ad_1] वाराणसी। बिरहा सम्राट की उपाधि से विभूषित पद्मश्री हीरालाल यादव की आज पुण्‍यतिथि है। 07 मार्च 1936 को यूपी के वाराणसी में जन्‍मे हीरालाल यादव की मृत्‍यु 12  मई 2019 के दिन हुई। उन्हें 2015 में यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।हीरा लाल यादव ने लोक गायक रमन दास से बिरहा संगीत […]

Continue Reading
उर्दू के जाने-माने लेखक सआदत हसन मंटो का जन्‍मदिन आज

उर्दू के जाने-माने लेखक सआदत हसन मंटो का जन्‍मदिन आज

[ad_1] उर्दू के जाने-माने लेखक सआदत हसन मंटो का जन्‍म 11 मई 1912 को हुआ था। 18 जनवरी 1955 को उनका देहांत हो गया। अपनी लेखनी से समाज के चेहरे को तार-तार कर देने वाले सआदत हसन ‘मंटो’ को पहले लोगों ने साहित्यकार मानने से इंकार कर दिया था।अपनी लघु कथाओं… बू, खोल दो, ठंडा […]

Continue Reading