गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत-समाधि’ को मिला बुकर पुरस्कार

गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत-समाधि’ को मिला बुकर पुरस्कार

[ad_1] नई दिल्‍ली। लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत-समाधि’ (Tomb of Sand)  को बुकर पुरस्कार मिला। गीतांजलि श्री का उपन्यास हिंदी में ‘रेत समाधि’ नाम से पब्लिश हुआ था। अमेरिकन राइटर-पेंटर डेजी रॉकवेल ने टॉम्ब ऑफ सैंड के नाम से इस उपन्यास का इंग्लिश में अनुवाद किया। यह उपन्यास दुनिया की उन 13 पुस्तकों में […]

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जयंती विशेष: साहित्‍यकार डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

जयंती विशेष: साहित्‍यकार डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

[ad_1] ‘मास्टरजी’ के नाम से प्रख्‍यात हिंदी के लेखक और निबंधकार डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का जन्‍म 27 मई 1894 को छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में हुआ था।राजनांदगांव की तीन हिंदी त्रिवेणी धाराओं में से एक डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की त्रिवेणी परिसर में ही उनके सम्मान में मूर्तियां स्थापित हैं।उनके पिता पुन्नालाल बख्शी खैरागढ़ (राजनंदगांव) […]

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झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है एक नई चित्रकला शैली

झारखंड में तेजी से विकसित हो रही है एक नई चित्रकला शैली

[ad_1] झारखंड में एक नई चित्रकला शैली तेजी से विकसित हो रही है, बैद्यनाथ पेंटिंग. यह पेंटिंग पहली बार यहां प्रकाश में लायी जा रही है, विश्लेषित की जा रही है. इसमें एक समृद्ध चित्रकला शैली के समस्त अवयव दृष्टिगत हो रहे हैं और विश्वास है कि झारखंड की एक नई रैखिक थाती के रूप […]

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25 मई 1831 को जन्‍मे थे उर्दू के प्रसिद्ध कवि दाग़ देहलवी

25 मई 1831 को जन्‍मे थे उर्दू के प्रसिद्ध कवि दाग़ देहलवी

[ad_1] दाग़ देहलवी के नाम से प्रसिद्ध नवाब मिर्जा खाँ ‘दाग़’, उर्दू के प्रसिद्ध कवि थे। इनका जन्म सन् 25 मई 1831 को दिल्ली में हुआ। इनके पिता शम्सुद्दीन खाँ नवाब लोहारू के भाई थे। जब दाग़ पाँच-छह वर्ष के थे तभी इनके पिता मर गए। इनकी माता ने बहादुर शाह “ज़फर” के पुत्र मिर्जा […]

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मजरूह की पुण्‍यतिथि: रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख

मजरूह की पुण्‍यतिथि: रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख

  1 अक्टूबर 1919 को निजामाबाद जन्‍मे उर्दू के मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी का इंतकाल 24 मई 2000 को मुंबई में हुआ था। पेशे से हकीम लेकिन हर्फों के जादूगर इस अजीम शायर का नाम असल नाम असरार उल हसन खान था। मुशायरे के मंचों से होते हुए लोगों के दिलों में दाखिल होने वाले […]

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NM@2AM

डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा की आत्मकथा NM@2AM का तीसरा संस्करण प्रकाशित, तीन पाठकों ने की समीक्षा, पुस्तक मंगाने के लिए यहां ऑर्डर करें

Dr Bhanu Pratap Singh  देश-विदेश में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा (आगरा) की आत्मकथा NM@2AM नए सोपान पर है। तीसरा संस्करण बाजार में चुका है। चौथे और पांचवें संस्करण की तैयारी है। पुस्तक की मांग लगातार बढ़ रही है। पुस्तक का संपादक वरिष्ठ पत्रकार डॉ. भानु प्रताप सिंह ने किया है। पुस्तक का […]

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डॉ. भानु प्रताप सिंह पत्रकार का सम्मान

डॉ. अजय कुमार शर्मा स्मृति स्मारिका के संपादक डॉ. भानु प्रताप सिंह को हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर ने किया सम्मानित

Agra, Uttar Pradesh, India. प्रखर पत्रकार, आगरा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में शिक्षक और स्वराज्य टाइम्स के संपादक रहे डॉ. अजय कुमार शर्मा स्मृति स्मारिका- 2022 का संपादन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. भानु प्रताप सिंह ने किया है। इसका लोकार्पण विगत दिवस आगरा विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में किया गया। हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर, […]

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जयंती विशेष: साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त अन्नाराम सुदामा

जयंती विशेष: साहित्‍य अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त अन्नाराम सुदामा

राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार अन्नाराम सुदामा का जन्म 23 मई 1923 में हुआ था। सुदामा ने राजस्थानी भाषा में साहित्य की कई विधाओं में रचनांए की हैं। उन्होंने उपन्यास, कहानी, कविता, निबंध, नाटक, यात्रा स्मरण एवं बाल साहित्य लिखा है। उन्होंने अन्य कई विधाओं में 25 से ज्यादा पुस्तकें लिखी हैं। सुदामा जी का […]

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जन्‍मदिन: हिंदी और रूसी साहित्‍य के सेतु मदन लाल मधु

जन्‍मदिन: हिंदी और रूसी साहित्‍य के सेतु मदन लाल मधु

[ad_1] हिंदी और रूसी साहित्‍य के आधुनिक सेतु निर्माताओं में से एक मदन लाल मधु का आज जन्‍मदिन है। 22 मई 1925 को पंजाब में जन्‍मे मदन लाल मधु ने मास्‍को के प्रमुख प्रकाशन-गृह प्रगति एवं रादुगा प्रकाशन में लगभग चार दशकों तक संपादक-अनुवादक के पद पर रहते हुए सौ से अधिक कालजयी रूसी पुस्‍तकों […]

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हिंदी साहित्‍य के प्रमुख व्‍यंग्‍य लेखक शरद जोशी की जयंती आज

हिंदी साहित्‍य के प्रमुख व्‍यंग्‍य लेखक शरद जोशी की जयंती आज

[ad_1] हिंदी साहित्‍य के प्रमुख व्‍यंग्‍य लेखक और साहित्‍यकार शरद जोशी आज के ही दिन 1931 में मध्‍यप्रदेश के उज्‍जैन में जन्‍मे थे। कुछ समय तक यह सरकारी नौकरी में रहने के बाद लेखन को ही आजीविका बनाने वाले शरद जोशी ने आरम्भ में कुछ कहानियाँ लिखीं। फिर पूरी तरह व्यंग्य-लेखन करने लगे। उन्होंने व्यंग्य […]

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