घोर कलयुग की दस्तक: नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते….

(घोर कलयुग की दस्तक)*नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते।* समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के साथ मिलकर अपने दो वर्ष के बेटे को मरवा दिया। पत्नी ने प्रेमी सँग […]

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घोर कलयुग की दस्तक: नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते….

डॉ. सत्यवान सौरभ समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के साथ मिलकर अपने दो वर्ष के बेटे को मरवा दिया। पत्नी ने प्रेमी सँग मिलकर मर्चेंट नेवी मे अफसर पति के टुकड़े-टुकड़े […]

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डिप्लोमा वेटरनरी एसोसिएशन हरियाणा: 1016 दिनों से संघर्ष जारी, कब मिलेगा न्याय?

पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर, हरियाणा के इतिहास में सबसे लंबे कर्मचारी आंदोलनों में से एक। हरियाणा पशुपालन विभाग में महानिदेशक पद पर आईएएस अधिकारी की नियुक्ति एवं VLDA कर्मचारियों की माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा स्वीकृत मांगों की अधिसूचना जारी करवाने हेतु Diploma Veterinary Association Haryana 633 द्वारा 1015 दिनों से आंदोलन जारी है। […]

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कुआँ सूखने पर ही पता चलती है पानी की कीमत

डॉo सत्यवान सौरभ,कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट कहावत “जब तक कुआँ सूख नहीं जाता, हमें पानी की कीमत का पता नहीं चलता” हमें इस बात की याद दिलाती है कि हमें अपने जीवन और संसाधनों के प्रति जागरूक और कृतज्ञ रहना चाहिए। चाहे वह जल हो, प्रेम हो, स्वतंत्रता हो या स्वास्थ्य, […]

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संवेदनहीन न्याय? बार-बार समाज को झकझोरते सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले

प्रियंका सौरभ क्या हमारी न्याय प्रणाली यौन अपराधों के मामलों में और अधिक संवेदनशील हो सकती है? या फिर ऐसे सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले बार-बार समाज को झकझोरते रहेंगे? यह मामला न्यायपालिका की संवेदनशीलता और यौन अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फैसले का विरोध […]

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“पेंशन की लड़ाई: कर्मचारियों का हक़ या सरकारी बोझ?”

डॉo सत्यवान सौरभ,कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट भारत में 2004 से पहले सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन दी जाती थी। इसके तहत— सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन निश्चित पेंशन मिलती थी। अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में दिया जाता था। महंगाई भत्ता (DA) जुड़ा होता था, […]

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डिजिटल भारत में विचारों पर बेड़ियां: सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश चिंताजनक…

प्रियंका सौरभ सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है। सेंसरशिप और आत्म-नियमन से प्लेटफार्म अधिक सामग्री हटाने लगे हैं, जिससे विचारों की विविधता प्रभावित होती है। झूठी सूचनाओं और साइबर अपराधों को रोकने के लिए कुछ हद तक […]

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कृष्ण दर्शनम्: सीएफ एंड्रूज स्कूल आगरा में भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का उत्सव, 300 विद्यार्थियों ने किया कृष्ण लीला का दिव्य मंचन, देखें तस्वीरें

अद्भुत, अकल्पनीय, अवर्णनीय, अविस्मरणीय, अनुकरणीय, अतुलनीय, अविचलनीय, अनिर्वचनीय, अप्रतिम, अप्रतिम, अभूतपूर्व, अलौकिक, अगम्य, अद्वितीय ! डॉ. भानु प्रताप सिंह Live Story Time जब मैं सी.एफ. एंड्रूज स्कूल, बल्केश्वर रोड, आगरा के डॉ. राम कन्वेंशन सेंटर में प्रवेश कर रहा था, तब तक मुझे आभास भी नहीं था कि मैं एक ऐसे अद्वितीय और अविस्मरणीय आध्यात्मिक […]

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कोठी मीना बाजार में कैद नहीं रहे छत्रपति शिवाजी, इतिहासकार ही एकमत नहीं

आगरा। आगरा के कोठी मीना बाजार में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनाए जाने के लिए जहां महाराष्ट्र सरकार अपने कदम आगे बढ़ा चुकी है, वहीं आगरा के इतिहासकार राजकिशोर राजे ने स्मारक की जगह को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजे का कहना है कि जिस जगह (कोठी मीना बाजार) पर छत्रपति […]

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शहादत दिवस पर विशेष आलेख: भगत सिंह और आज की चुनौतियां

संजय पराते भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 को फांसी की सजा दी गई थी और अपनी शहादत के बाद वे हमारे देश के उन बेहतरीन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों में शामिल हो गये, जिन्होने देश और अवाम को निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दी। उन्होंने अंगेजी साम्राज्यवाद को ललकारा। मात्र 23 साल की उम्र में […]

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