सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय से इंसानियत को पूरी तरह झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले कक्षा छह के एक 11 वर्षीय मासूम छात्र के साथ कक्षा आठ के सात सीनियर छात्रों द्वारा कुकर्म (यौन उत्पीड़न) किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
पीड़ित छात्र का दर्द बयां करता हुआ एक वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, वैसे ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी आरोपी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित ने फोन पर रोते हुए पिता को बताई थी आपबीती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित छात्र ने विद्यालय के हॉस्टल से ही अपने पिता को फोन किया और रोते हुए अपने साथ हुए अमानवीय दुर्व्यवहार की पूरी जानकारी दी। उसने अपने पिता से गुहार लगाते हुए कहा था कि उसे तुरंत यहाँ से घर ले चला जाए। इसके बाद जब परिजन घबराते हुए स्कूल पहुँचे, तो छात्र ने रो-रोकर अपनी पूरी आपबीती सुनाई, जिसका किसी ने वीडियो बना लिया और वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में मासूम छात्र अपने सीनियर छात्रों द्वारा दी जाने वाली मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का खुलकर जिक्र कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संदना थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके के रहने वाले इस छात्र ने प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय में अप्रैल महीने में दाखिला लिया था। उसने 13 अप्रैल से इस स्कूल के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई शुरू की थी। इसके कुछ दिन बीतने के बाद विद्यालय के ही कक्षा आठ के पांच छात्र उसे जबरन अपने कमरे में बुलाने लगे और उसके साथ अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाने लगे। जब बालक ने उनकी इस गंदी बात को मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ जबरन कुकर्म किया। इस घिनौने कृत्य में दो अन्य छात्रों ने भी मुख्य आरोपियों का पूरा साथ दिया था।
सात सीनियर छात्रों पर मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच जारी
इस घटना की अत्यधिक गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित छात्र के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है और उनकी आयु तथा बाल न्याय अधिनियम के कानूनी दायरे को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
जिलाधिकारी द्वारा दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित
इस पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को भांपते हुए सीतापुर के जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन की भारी लापरवाही और इस घटना के वास्तविक कारणों का गहराई से पता लगाने के लिए एक दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस गठित समिति में एसडीएम महमूदाबाद और डॉक्टर एमएल गंगवार को शामिल किया गया है। यह कमेटी इस पूरी घटना की बेहद सूक्ष्मता और गहराई से जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर स्कूल प्रबंधन, वॉर्डन या अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस अमानवीय घटना ने प्रदेश के सरकारी और समाज कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, संरक्षा और हॉस्टल के वॉर्डन व शिक्षकों की निगरानी प्रणाली पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे हॉस्टल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद पुख्ता करें और बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कराएं, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक और दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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