भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पेश किया राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने का विशेष प्रस्ताव, लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026: भारतीय संसद में आज सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव अपने चरम पर पहुंच गया। भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक विशेष प्रस्ताव (Motion) पेश कर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

बीजेपी का आरोप: “देश को तोड़ने वाली ताकतों से सांठगांठ”

डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा के नियम 352(5) और 353 का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ‘सोरोस फाउंडेशन’ और भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर देश के विभाजन की साजिश रच रहे हैं। दुबे ने कहा, “राहुल गांधी के कार्य संविधान और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ हैं, इसलिए उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जानी चाहिए।”

​क्या हैं नियम 352(5) और 353?

ये नियम सदन में चर्चा के दौरान किसी सदस्य द्वारा असंसदीय आचरण, बिना पूर्व सूचना के किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने या राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करने वाले कृत्यों से संबंधित हैं। इनके आधार पर गंभीर स्थिति में सदन सदस्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।

​राहुल गांधी का पलटवार: “किसानों के लिए संघर्ष जारी रहेगा”

सदस्यता रद्द करने की मांग के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर एक वीडियो जारी कर सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, “मुझ पर FIR हो, मुकदमा चले या प्रिविलेज मोशन लाया जाए, मैं डरने वाला नहीं हूं। मेरा संघर्ष किसानों के अधिकारों और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए जारी रहेगा।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ ‘ट्रेड डील’ करके भारतीय कृषि बाजार के दरवाजे विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिए हैं, जिससे छोटे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने इसे ‘अडानी-अंबानी’ जैसे उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला कदम बताया।

​भाजपा की नसीहत: “सुरक्षा पर राजनीति बंद करें”

वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता वानाथी श्रीनिवासन ने राहुल गांधी को रचनात्मक राजनीति करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना से जुड़े मुद्दों पर अराजकता पैदा कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा को लेकर सदन में हुए हंगामे की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों से राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का पद भी खतरे में पड़ सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh